फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कातिक के घर सेंध लगाने पहुंचा सावन

Thu, 29 Oct 2015 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। मौसम अजीबोगरीब रंग दिखा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते कम वायुदाब व साइबेरिया से लौटते मानसून का संगम क्या हुआ, मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। पहले तो दिन भर तेज पछुवा हवाएं बहीं और फिर अचानक बारिश हो गई। तेज हवाओं व बारिश ने मौसम का पूरा तानाबाना पलट कर दिया है।
विज्ञापन


मौसम विभाग के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे के भीतर 1.3 मिमी बारिश हुई। बारिश का पारे पर जबरदस्त असर दिखाई दिया। पिछले चौबीस घंटे के भीतर अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री से 5.5 घटकर 28.5 डिग्री पर पहुंच गया। जो पिछले दिनों 38 डिग्री के आसपास था। तेज हवाओं और बारिश का असर नमी पर दिखाई दिया। अधिकतम आर्र्दता 84 फीसदी और न्यूनतम 53 फीसदी दर्ज की गई। वातावरण में अधिकतम नमी और तेज हवाओं ने दिन में भी जबरदस्त ठंडक का एहसास दिलाया।

विवि के सेंटर आफ ओसीन  साइंस के कोआर्डिनेटर व मौसम विज्ञानी डॉ. सुनीत द्विवेदी के मुताबिक मौसम का अचानक बदला मिजाज साइबेरिया से लौटते मानसून व पश्चिमी विक्षोभ के मिलन का नतीजा है। ऐसा होने से गंगा के मैदान के अलावा देश के कई हिस्सों में कम वायुदाब का क्षेत्र बन गया है, परिणामस्वरूप तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मौसम का यह मिजाज बहुत पहले दिखना चाहिए था , लेकिन साइबेरिया से होते हुए मानसून देर से लौटा है। मौसम विज्ञानी डॉ. द्विवेदी का यह भी कहना है कि मौसम का यह मिजाज अगले चौबीस घंटे देखने को मिलेगा। उसके बाद आसमान साफ होगा, लेकिन बारिश ने ठंडक की शुरुआत कर दी है।
विज्ञापन


चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो बारिश बीमारियों को भी साथ लेकर आई है। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज में प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार माथुर के मुताबिक मौसम का बदला मिजाज बीमारियों के लिहाज से बेहद खतरनाक है। बारिश के साथ गुनगुनी ठंड से वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम होने के साथ ही सांस की समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि इस बारिश में कोई भीगा तो उसे सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार होना तय है। बकौल डॉ. माथुर मौसम का जो उतार चढ़ाव है इसमें एहतियात बरतने की जरूरत हैं। पर्याप्त कपड़े पहनकर सर्दी व बारिश से बचाव कर ही बीमारियों से बचा जा सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ व साइबेरिया से लौटते मानसून ने ठंडक बढ़ा दी है वहीं बारिश के रूप मे किसानों के लिए सोना बरसा है। जिला कृषि अधिकारी गणेश प्रसाद दूबे का कहना है कि बारिश खेतीबारी के लिहाज से बेहद लाभकारी है। बारिश से धान, ज्वार, बाजरा, अरहर की फसलें अच्छी होगी। खरीफ के दौरान जिन खेतों में बुआई नहीं हो पाई थी अब किसान उन खेतों में भी बुआई कर सकेंगे। बारिश के साथ ही अब चना, मटर, मसूर जैसी फसलों की बुआई में तेजी आएगी। सूखे के चलते जिले में कृषि आच्छादन क्षेत्रफल घट रहा था, लेकिन अब जबकि बारिश हो गई है तो कृषि क्षेत्रफल बढ़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें