इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट की ओर से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की अध्यक्ष एवं दो सदस्यों की नियुक्ति में मानक पूरा नहीं करने उनके काम-काज पर रोक लगाए जाने के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट भी चयन बोर्ड के विरोध में उतर आया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के मुखिया ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि अपने कारनामों के कारण उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की यह गली बदनाम गली के रूप में प्रसिद्घ हो चुकी है। यहां पदों की नीलामी होती है, इन पदों के लिए चयन बोर्ड के माननीय सदस्य एवं अध्यक्ष आपस में कुर्सी उठाकर मारपीट करने से भी नहीं चूकते हैं।
उन्होंने कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर चयन बोर्ड का गठन हुआ था, वह अपने उद्देश्य से भटक गया है। सरकार ने शिक्षकों के लिए गठित चयन बोर्ड को अपने चहेतों को उपकृत करने का ठिकाना बना लिया है। इसीलिए मानकों का पालन नहीं हो रहा है। शिक्षक नेता ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं के प्रति उदाशीन है। शिक्षक नौ अगस्त को लखनऊ अगस्त को मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि चयन बोर्ड से 2010 के बाद कोई नियुक्ति नहीं हुई है।
विधान परिषद सदस्य हेम सिंह पुंडीर, जगवीर किशोर जैन, ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने चयन बोर्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग की। धरने का संचालन इंद्रासन सिंह ने किया। धरने में जिलाध्यक्ष जंग बहादुर सिंह पटेल, डॉ. शैलेश कुमार पांडेय, रमेश चन्द्र शुक्ल, अनय प्रताप सिंह, कुंज बिहारी मिश्र, डॉ. जय प्रकाश शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। धरने के दौरान 29 शिक्षकों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की।