इलाहाबाद (ब्यूरो)। श्रीकृष्ण शिक्षा एवं संस्कृति प्रचारिणी सभा की ओर से रविवार को निराला सभागार में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए. सत्यनारायण ने श्रीकृष्ण के जीवन के विविध स्वरूपों एवं विभिन्न अवसरों पर उनके द्वारा किए गए कार्यों से सीख लेने की प्रेरणा दी। बाल अवस्था में इष्ट मित्रों के साथ मक्खन चोरी उनकी सरलता, चपलता, कौरव-पांडव संधि के अवसर पर नीति एवं कूटनीति और तीसरा युद्ध के समय मार्गदर्शक के रूप में कार्यों में कुशलता प्रेरणादायी है।
विशिष्ट अतिथि लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ, नई दिल्ली के प्रो. शुकदेव भोई ने कहा कि श्रीकृष्ण कर्म, भक्ति और ज्ञान तीनों का समन्वित रूप हैं। उनकी रासलीला सामान्य प्रेमभाव नहीं बल्कि आत्मा से परमात्मा का एकाकार है। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. मृदुला त्रिपाठी ने श्रीकृष्ण को सभी समस्याओं के समाधान के रूप में बताया। कार्यक्रम में प्रो. बेचन शर्मा, प्रो. आरएस यादव, डॉ. डीसी लाल, विंग कमांडर इंद्र बहादुर यादव, शिवचरण यादव, प्रो. मंजुला जायसवाल ने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. यूबी यादव को उत्कृष्ट चिकित्सा कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. ज्योति मिश्रा, डॉ. भारती सेंगर, निहारिका झा, डॉ. मोनिका जायसवाल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन महासचिव डॉ. रमा सिंह, स्वागत, संयोजक प्रो. उमाकांत यादव और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजेश सिंह ने किया।