मां और बहन की हत्या के आरोपी को पकड़कर ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
पिता पर घर बेचकर पैसा देने का बना रहा था दबाव
इस खुन्नस ने उसके मन में घर कर लिया था। वह अपने मां-बाप से झगड़ा करता था। कहता था कि घर बेचकर दोनों भाइयों को बराबर पैसा दिया जाए। तीन दिन पहले भी झगड़ा हुआ था। बुधवार की सुबह आरिफ ने मारकाट का प्लान बना लिया था। इसके लिए उसने कुल्हाड़ी, चापड़ और चाकू एकत्र कर लिए थे। वह चापड़ लेकर अपने कमरे से निकला और सबसे पहले बाहर के गेट पर अंदर से ताला लगा दिया। इसके बाद कमरों में ताला लगाने लगा।
उसके हाथों में चापड़ देखकर मां अनीसा बेगम को कुछ शक हुआ। वह दौड़ीं और उसके हाथ से चापड़ छीनने लगीं। इस पर आरिफ ने मां की गर्दन पर वार कर दिया। यह देखकर पिता मो. कादिर शोर मचाते हुए दौड़े तो उनपर भी चापड़ से प्रहार किया, जिससे वह गिर पड़े। इसके बाद आरिफ रसोई की ओर दौड़ा, जहां बहन निकहत काम कर रही थी। निकहत पर उसने चापड़ से वार करने शुरू किए तो वह रुका नहीं और एक के बाद एक कई वार करके अपनी बहन को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद मिट्टी का तेल डालकर आग भी लगा दी।
आरिफ की हैवानियत देखकर बड़ा भाई आजम अपनी पत्नी शबाना और छोटे बेटे अली के साथ कमरे में छिप गए। बड़ा बेटा हसनैन बाहर था। आरिफ ने उसे भी मारने की कोशिश की, लेकिन वह पड़ोसी के घर में कूद गया। आरिफ के सिर पर पूरी तरह से खून सवार था। वह भाई आजम और उसकी बीवी को मारने के लिए दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने लगा। सफल नहीं हुआ तो उसने सिलिंडर में आग लगा दी।
करेली मं मां-बहन की हत्या करने के बाद कुल्हाड़ी लेकर खड़ा आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
मां-बेटी का हुआ पोस्टमार्टम
करेली में हुई सनसनीखेज वारदात में मारी गईं मां-बेटी के शवों का पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार को दोपहर बाद दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया। मां अनीसा के गले में गहरे घाव के निशान मिले। वहीं, बेटी निकहत का आधे से ज्यादा शरीर जला हुआ था। इसके साथ ही उसके शरीर पर एक दर्जन से ज्यादा घाव मिले। कानूनी प्रक्रिया में देरी होने की वजह से परिजनों को दोनों के शव शाम पांच बजे के बाद सौंपे गए। दोनों के शव काला डांडा, करेली के कब्रिस्तान में दफनाए गए।