विकास खंड शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत पहाड़ी कला में दो से तीन वर्षों में 15 कैंसर रोगी मिले, जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है। सिर्फ पहाड़ी कला ही नहीं बल्कि कपारी में भी कैंसर ने पांव पसारे हैं।
विकास खंड शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत पहाड़ी कला में दो से तीन वर्षों में 15 कैंसर रोगी मिले, जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है। सिर्फ पहाड़ी कला ही नहीं बल्कि कपारी में भी कैंसर ने पांव पसारे हैं। शंकरगढ़ से आठ किमी दूर सिंहपुर गांव के साथ कई ग्राम पंचायतों को कैंसर ने जकड़ रखा है।ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या वर्षों से है लेकिन अब हालात तेजी से बिगड़ने लगे हैं और कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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यहां तक कि पहाड़ी कला के सटे देउरी बेनी गांव के प्रधान दिनेश को भी कैंसर ने चपेट में ले लिया है। 32 वर्षीय दिनेश बताते हैं कि अप्रैल में पेट के कैंसर का पता चला तो कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल में इलाज शुरू हुआ और अब उन्हें आराम है।सिंहपुर गांव निवासी दल प्रताप सिंह ने बताया कि उनके पिता रामजियावन सिंह छह साल पहले कैंसर से दुनिया छोड़ गए।
गांव के ही बालेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता तेज बहादुर सिंह का भी कुछ वर्षों पहले कैंसर से निधन हो गया था। गांव की ही आशादेवी सिंह व मीना देवी सिंह का भी कैंसर से निधन हो चुका है।दल प्रताप ने बताया कि मध्य प्रदेश के सरकारी महकमे से सेवानिवृत्त इंद्रसेन सिंह को भी कैंसर हो गया है। सेवानिवृत्ति के बाद वह गांव में वापस आकर रह रहे हैं।
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उनका वाराणसी में इलाज चल रहा है।कपारी ग्राम पंचायत के शिवकुमार ने बताया कि उनके गांव में इसी साल जनवरी में राघवेंद्र मिश्रा की कैंसर से मृत्यु हो गई जबकि राजकुमार मिश्रा का डेढ़ साल पहले इसी बीमारी से निधन हो गया था। वहीं, कैंसर से पीड़ित कुछ अन्य ग्रामीणों का इलाज चल रहा है।