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Kanwar Yatra : प्रयागराज में मुस्लिम समाज ने कांवड़ियों पर की पुष्प वर्षा, पेश की भाईचारे की मिसाल

Mon, 21 Jul 2025 06:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एक बार फिर रविवार को गंगा-जमुनी की मिसाल देखी गई जब सामाजिक कार्यकर्ता तनीर शरीफ और निगहत खान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की।
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प्रयागराज में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करते मुस्लिम समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला।

एक बार फिर रविवार को गंगा-जमुनी की मिसाल देखी गई जब सामाजिक कार्यकर्ता तनीर शरीफ और निगहत खान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। साथ ही कांवड़ियों के लिए भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। तनीर शरीफ और निगहत खान ने कहा कि धर्म और मतभेदों से ऊपर उठकर एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए। ये सेवा नहीं, बल्कि इंसानियत और भाईचारे की मिसाल है। इस दौरान धीरज केसरवानी, मोहम्मद पप्पू, मोहम्मद शोएब और मुन्ना आदि मौजूद रहे। 

कांवड़ रूट पर मीट-मछली की दुकान खोलने का वीडियो वायरल

कर्नलगंज थाना क्षेत्र के बख्शी बांध कांवड़ रूट पर एक मीट-मछली की दुकान खोलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आरोप है कि इससे कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने चेतावनी देते हुए दुकान बंद करवा दिया। पुलिस का कहना है कि दुकानदार दुकान खोलकर सफाई कर रहा था। हालांकि, अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं कर रहा है।

बख्शी बांध पर कांवड़ियों का हुजूम रहता है। इसी रास्ते पर कई मीट-मछली की दुकान है। रविवार को सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक मीट-मछली की दुकान खोलने का आरोप लगाकर कहा जा रहा है कि कांवड़ रूट पर दुकान खोली गई है। कर्नलगंज एसीपी राजीव यादव ने बताया कि मीट मछली की दुकान खुले होने की सूचना पर टीम मौके पर गई थी। पाया कि एक दुकानदार अपनी दुकान की साफ-सफाई कर रहा था। दुकान को बंद करवाकर दुकानदार को चेतावनी दी गई।

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शास्त्री पुल से गुजरते कांवड़िये। - फोटो : अमर उजाला।

पांच हजार कांवड़िये अलग-अलग धामों के लिए हुए रवाना

कांवड़ियों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। दशाश्वमेध घाट पर मौजूद पंडित आशीष दुबे, लक्ष्मीशंकर उपाध्याय और बृजेश कुमार दुबे ने बताया कि रविवार को करीब पांच हजार कांवड़िये गंगा जल भरकर अलग-अलग धामों के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि इस साल भी सावन के शुरुआती दो दिन को दशाश्वमेध घाट से गंगा जल भरकर कांवड़ियों की संख्या 500 से कम थी। इसके बाद से कांवडियों की संख्या थोड़ा बढ़ी। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या और बढ़ेगी।

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आकाश ने कांवड़ पर ही बना लिया मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।

आकाश ने कांवड़ पर ही बना लिया मंदिर

कांवडिये अपने-अपने भनोभाव के मुताबिक कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं। प्रयागराज के मुंडेरा के रहने वाले आकाश पाल ने कांवड पर मंदिर ही बना लिया। लाल और पीले कपड़ से दो मंदिर उसने कांवड़ के दो छोर पर बनाए हैं। इसके ऊपर लाल रंग की ध्वजा लगाई है। साथ ही बीच में अपने देश प्रेम को जाहिर करते हुए तिरंगा भी लगाया है। काशी विश्वनाथ धाम जा रहे आकाश पाल ने बताया कि इस तरह का कांवड़ बनाने में दो दिन लगते हैं।

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प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से गंगाजल भरकर कांवड़ यात्रा पर निकले शिवभक्त। - फोटो : अमर उजाला।

जैसे-जैसे बढ़ रहीं गंगा जी, वैसे-वैसे बढ़ रही कांवड़ियों की संख्या

प्रयागराज में बृहस्पतिवार से गंगा नदी का जलस्तर काफी ज्यादा बढ़ चुका है। लेटे हनुमान मंदिर में फिर गंगा जल पहुंचा तो दशाश्वमेध घाट भी पूरी तरह डूब गया। अब लोग सड़क पर पहुंच चुके गंगा जी के जल में स्नान कर रहे हैं। जैसे-जैसे गंगा जी बढ़ रही हैं, वैसै-वैसे कांवड़ियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सड़क तक बढ़ चुकी गंगा नदी का जल भरने सुबह से रात कांवड़ियों का समूह पहुंच रहा है। दशाश्वमेध घाट पर अब भगवा रंग के कपड़े पहने हुए शिवभक्त बड़ी संख्या में नजर आने लगे हैं।

दशाश्वमेध घाट पर मौजूद पंडित आशीष दुबे, लक्ष्मीशंकर उपाध्याय और बृजेश कुमार दुबे ने बताया कि बृहस्पतिवार से हर दिन कई समूहों में दो हजार से ज्यादा कांवड़िये आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सावन के शुरू होने के साथ ही कांवड़ यात्रा शुरू हो जाती है। लेकिन, प्रयागराज में कांवड़ यात्रा के शुरुआती दिनों में कावड़ियों की संख्या कम रहती है।

इस साल भी कावंड़ के यात्रा के शुरुआती दो दिनों यानी 11 जुलाई और 12 जुलाई को दशाश्वमेध घाट से गंगा जलभरकर कांवड़ियों की संख्या 500 से कम थी। इसके बाद 13 जुलाई से कांवडियों की संख्या थोड़ा बढ़ी। 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार होने के चलते कांवड़ियों की संख्या बढ़कर एक हजार से ज्यादा गई थी। करीब एक हजार कांवड़िये मंगलवार और बुधवार को यहां से रवाना हुए। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या और बढ़ेगी।

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प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से गंगा जल भरकर जाते कांवड़िये। - फोटो : अमर उजाला।

सड़क पर भरे गंगा जल में स्नान कर रहे कांवड़िये, पुजारियों ने भी वहीं लगाए तख्त

दशाश्वमेध घाट पर बनीं पक्की सीढ़ियों से ऊपर गंगा का पानी पहुंच गया है। वहीं गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे घाट की सीढ़ियों के ऊपर सड़क पर भी पानी भर गया है। इसके चलते सड़क पर डीप बैरिकेडिंग कर दी गई है और इसके आगे जाकर स्नान करने पर पाबंदी लगा दी गई है।

ऐसे में दश्वाश्वेध घाट पर पहुंच रहे कांवड़िये वहीं स्नान करके जल भर रहे हैं। सड़क पर भरे गंगा जल के दोनों ओर ही पुजारियों ने भी अपने तख्त लगा रखे हैं। वहीं जल पुलिस लगातार घोषणा करके लोगों को मौजूदा स्थिति को लेकर सचेत कर रही है।

 

दशाश्वमेध घाट पर मौजूद पुजारियों ने बताया कि जल पुलिस लगातार गंगा नदी के पानी से दूर तख्त लगाने के लिए कह रही है। पानी जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हम लोग भी पीछे होते जा रहे हैं। वहीं घाट पर पहुंच रहे कांवडियों ने बताया कि बाढ़ के चलते उन्हें सड़क पर भरे गंगा जल में स्थान करना पड़ रहा है। हालांकि यह गंगा जी का शुद्ध जल ही है। इसलिए कोई दिक्कत नहीं हो रही है।

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