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महादान : 62 वर्ष में भी रक्तदान में आगे हैं कमलेश शुक्ला, 37 वर्ष पहले छोटे भाई को दिया था ब्लड

Mon, 09 Jun 2025 04:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कहते हैं कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। कुछ लोगों ने इसे जीवन का आधार बना लिया है। इन्हीं में से एक हैं रेलवे से सेवानिवृत्त अफसर कमलेश शुक्ला। वह 62 साल की उम्र में रक्तदान करने की पंक्ति में सबसे आगे रहते हैं।
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रक्तदान शिविर - फोटो : अमर उजाला।
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कहते हैं कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। कुछ लोगों ने इसे जीवन का आधार बना लिया है। इन्हीं में से एक हैं रेलवे से सेवानिवृत्त अफसर कमलेश शुक्ला। वह 62 साल की उम्र में रक्तदान करने की पंक्ति में सबसे आगे रहते हैं। उनका कहना है कि जब तक उन्हें कोई समस्या महसूस नहीं होती है वह रक्तदान करते रहेंगे। उन्होंने 37 साल पहले रक्तदान कर छोटे भाई को दिया था।

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उनके भाई को सेप्टीसीमिया हो गया था। तीन यूनिट ब्लड की जरूरत थी। तब उन्होंने पहली बार रक्तदान किया। तब से वह सालभर में तीन से चार बार रक्तदान करते हैं। कमलेश शुक्ला कहते हैं कि रक्तदान करने से दिल को सुकून मिलता है। उन्होंने इसी हफ्ते स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के ब्लड बैंक में रक्तदान किया है। 

रक्तदान करने के क्या हैं फायदे
1-हृदय रोग का खतरा कम होता है।
2-शरीर में आयरन की मात्रा कम होती है।
3-कैंसर का जोखिम कम होता है।
4-नए रक्त सेल्स का निर्माण होता है।
5-दिमाग सक्रिय होता है।
6-ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
7-वजन कंट्रोल में रहता है।
8-फ्री चेकअप हो जाता है।

कमलेश शुक्ला हर साल नियमित रूप से रक्तदान करते हैं। वह साल में कम से कम तीन से चार बार रक्तदान करते हैं। 62 वर्ष की उम्र में भी वह रक्तदान कर रहे हैं। - विनोद तिवारी, काउंसलर, ब्लड बैंक, एसआरएन अस्पताल।

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