कमला नेहरू अस्पताल में कैंसर रोगी को पंखा करती महिला। स्रोत: वीडियो ग्रैप
कमला नेहरू अस्पताल के सामान्य वार्डों में भर्ती कैंसर के मरीज भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि इलाज तो ठीक चल रहा पर वार्ड भट्ठी की तरह तप रहे हैं। इन वार्डों में एसी की व्यवस्था नहीं है। कूलर इतनी संख्या में नहीं हैं कि सभी मरीजों तक हवा पहुंच सके। पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। ऐसे में तीमारदार हाथ के पंखे से किसी तरह उन्हें हवा दे रहे हैं।
वार्ड-चार में 28 बेड होने के बावजूद सिर्फ एक कूलर लगा है। ऊपरी मंजिल पर होने की वजह से वार्ड दोपहर में भट्ठी जैसा गर्म हो जाता है। मरीजों का कहना है कि कीमोथेरेपी के बाद उन्हें अधिक गर्मी महसूस होती है। कुछ ही मरीजों तक हवा पहुंच पाती है।
वार्ड-सात की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। यहां भी कूलर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। गर्मी से परेशान तीमारदार हाथ के पंखों से मरीजों को हवा कर रहे हैं। एक मरीज ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अधिकारियों से शिकायत करने पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। संवाद
कूलर-पंखे की संख्या बढ़ाने की मांग
आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों ने कई खामियां बताई हैं। कहा कि भर्ती होने से पहले मंजूरी के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उसके बाद भीषण गर्मी परेशान कर रही।मरीजों ने वार्ड में कूलर व पंखों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई है।
:::कोट
अस्पताल में गर्मी से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हैं। जनरल वार्ड में कूलर व पंखे की व्यवस्था है। इस समय अधिक गर्मी पड़ रही है। इसकी वजह से मरीजों व तीमारदारों को थोड़ी परेशानी हो रही है।
-हरिओम सिंह, निदेशक, कमला नेहरू अस्पताल