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गलती से चली गोली से गई थी कॉलेज कर्मचारी की जान

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Kamal Nath sues Osd and his IAS husband
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गलती से चली गोली से गई थी कॉलेज कर्मचारी की जान
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सोरांव में हुई वारदात का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
परिवारवाले नाखुश, बोले - फर्जी है पुलिस की कहानी
भी अमर उजाला ब्यूरो
सोरांव (प्रयागराज)। सोरांव स्थित रामलखन महाविद्यालय के भीतर चतुर्थश्रेणी कर्मचारी योगेश यादव (36) का हत्यारोपी रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि कॉलेज कर्मचारी की जान गलती से गोली चलने की वजह से हुई। उधर, खुलासे से नाखुश मृतक के घरवालों का कहना है कि पुलिस आरोपी को बचाने के लिए फर्जी दावा कर रही है।
थरवई, इस्माइलगंज निवासी योगेश यादव सरायबाहर गांव स्थित रामलखन महाविद्यालय में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी था। 29 जून को कॉलेज के भीतर ही गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी। मृतक के भाई की तहरीर पर कॉलेज के ही एक अन्य कर्मचारी रामबाबू उर्फ मझारी को नामजद किया गया था जो घटना के बाद से गायब था। रविवार को उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने मामले का ख्ुालासा कर दिया। हालांकि पुलिस अफसरों ने खुलासे के दौरान जो बताया, वह काफी हैरान करने वाला रहा। एसपी गंगापार नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि गोली जिस पिस्टल से चली वह मृतक योगेश ही लेकर आया था। उसने पिस्टल दिखाने के लिए आरोपी रामबाबू को लाइब्रेरी में बुलाया। इसी दौरान दोनों के बीच छीनाझपटी हुई, जिसमें फायर हो गया और गोली योगेश को जा लगी। वह खून से लथपथ होकर गिरा तो आरोपी रामबाबू घबरा गया और वहां से भाग निकला। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल कॉलेज के अध्यापक कक्ष में कोने में रखे बिस्तर से बरामद की गई। साथ ही 10 कारतूस भी बरामद किए गए।
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मृतक के पास कहां से आई विदेशी पिस्टल
मामले के खुलासे के बाद भी कई सवाल अभी अनसुलझे हैं। मसलन चार हजार रुपये कमाने वाले योगेश के पास 40 हजार रुपये की मेड इन यूएसए पिस्टल कहां से आई। योगेश का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उधर किसी दुश्मनी के बाबत भी पुलिस कुछ जानकारी नहीं दे पाई। ऐसे में एक सवाल यह भी है कि योगेश पिस्टल लेकर कॉलेज क्यों जाएगा। इंस्पेक्टर अरुण चतुर्वेदी का कहना है कि यह जांच का विषय है कि मृतक पिस्टल लेकर क्यों कॉलेज पहुंचा।
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कभी किसी से नहीं हुआ विवाद
मृतक के परिवारवालों का कहना है कि आरोपी को बचाने के लिए पुलिस फर्जी खुलासा कर रही है। मृतक के बड़े भाई एलआईसी अफसर बृजेश यादव का कहना है कि योगेश का कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। ऐसे में वह पिस्टल क्यों रखेगा। उधर, लखीमपुर खीरी में एपीओ के पद पर तैनात छोटे भाई अवधेश का कहना है कि पुलिस ने फर्जी खुलासा किया है और उसकी पूरी कहानी मनगढ़ंत है। जो आरोपी को बचाने के लिए साजिशन रची गई।
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