फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रौद्र रुप धरि प्रकटी काली

Thu, 06 Oct 2016 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
allahabad
विज्ञापन
इलाहाबाद। रामलीला के उल्लास में संगमनगरी सराबोर है। शहर की विभिन्न लीला कमेटियों की ओर से बुधवार को रामकथा के विविध प्रसंगों का मंचन किया गया। वहीं दारागंज में रौद्र रूप धारण करके भगवती काली प्रकट हुईं। रामलीला मंचन स्थल से लेकर शृंगार भवन तक रास्ते में जगह-जगह उनका आरती पूजन किया गया और उनके क्रोध को शांत करने के लिए उन्हें जायफल, नीबू चढ़ाया गया।
विज्ञापन

 दारागंज शृंगार भवन से राम की सवारी जब अलोपीबाग लीला स्थल पहुंची तो वहां स्वामी शिवमंगल दास की देखरेख में सूर्पणखा नासिका भंग, खरदूषण वध की लीला हुई। जब सवारी  जीटी रोड से वापस होकर डा.प्रभात शास्त्री मार्ग स्थित  माधो पहलवान  के आवास पर पहुंची तो काली प्राकट्य की लीला हुई। शृंगार, पूजन के बाद देवी भक्तों को दर्शन देने निकलीं। धकाधक चौराहे पर उन्हें धूप गुग्गल आरती नारियल नीबू जायफल लौंग की बलि दी गई। रौद्र रूप में काली के निराला मार्ग होते हुए शृंगार भवन पहुंचने पर लीला पूरी हुई। समसामयिक विषयों पर आधारित स्वांग की प्रस्तुतियां भी खूब रहीं। अलोपीबाग रामलीला मैदान में विभव मिश्रा, दारागंज में दीपू पांडेय ने काली की भूमिका निभाई।  वहीं बाघम्बरी क्षेत्र अल्लापुर की ओर से धनुष भंग, सीता स्वयंवर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद, सिविल लाइंस में लक्ष्मण को शक्ति, रावण अहिरावण वध , रामलीला समिति गुरु तेग बहादुर नगर की ओर से धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद, अलोपीबाग में धनुष यज्ञ, परशुराम संवाद लीला का मनोहारी मंचन किया गया।

राम के वियोग में मूर्छित हुए दशरथ
पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से रामबाग रामलीला मैदान पर कैकेयी राजा दशरथ संवाद की लीला हुई। कैकेयी ने दशरथ से दो वरदान मांगे। पहला भरत को राजगद्दी और दूसरा राम को चौदह वर्ष का वनवास। राम को यह बात पता चली तो वह पिता की आज्ञा शिरोधार्य कर वन को चले। महाराजा दशरथ का मूर्छित होना और राम के लिए विलाप करने का दृश्य प्रभावी रहा। वहीं शृंगार चौकी में कृष्णानंदीरथ आकर्षण का केंद्र रहा।
विज्ञापन

वहीं कटरा में भी रामवाटिका में रामलीला में मंथरा का महारानी कैकेयी को राम के राज्याभिषेक के विरुद्ध भड़काना, महाराजा दशरथ से दो वरदान मांगने के लिए राजी करना, कैकेयी का कोपभवन में जाना, दशरथ का कैकेयी को मानना आदि दृश्यों का मंचन किया गया।

 सम्मोहित करता रहा सूर्पणखा प्रसंग,
पजावा रामलीला कमेटी की ओर से पजावा रामलीला मैदान पर सीता के राम शीर्षक के तहत पंचवटी में सूर्पणखा के नाककान छेदन की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। इससे पहले बच्चाजी की कोठी के पास आरती पूजन किया गया। भोर में कोतवाली के पास तितली वाली शृंगार चौकी निकली जो सभी को लुभाती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें