समतामूलक राष्ट्र के लिए संत रविदास के मार्गों पर चलना होगा
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गतिविधि सामाजिक समरसता प्रयाग विभाग की ओर से एनसीजेडसीसी में आयोजित कार्यक्रम में संत रविदास के जीवन एवं उनके आदर्शों पर चर्चा हुई। संत रविदास का जीवन व सांस्कृतिक राष्ट्रवाद विषय पर हुई गोष्ठी में समतामूलक राष्ट्र की परिकल्पना की गई।
राजस्व परिषद के निबंध हरिश्चंद राम ने कहा कि समतामूलक सांस्कृतिक राष्ट्र की स्थापना के लिए युवी पीढ़ी को संत रविदास के बताए मार्गों पर चलने की प्रेरणा देनी चाहिए। मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि नारदजी दासी पुत्र होकर भी देवर्षि कहलाए।
छुआछुत वैदिक काल में नहीं था। यजुर्वेद में शूद्र ऋषियों का विशेष वर्णन है। गोष्ठी को संतोष त्रिपाठी, डॉ.कार्तिकेय शर्मा, डॉ.राजेश गर्ग आदि ने संबोधित किया। इससे पहले अशोक चौधरी ने गोष्ठी के विषय पर प्रकाश डाला। प्रशांत मिश्रा ने गीत गाया। इस मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा कार्य करने वाले लोगाें को सम्मानित भी किया गया। संयोजक रामेश्वर प्रसाद शुक्ल ने संचालन किया।