प्रयागराज नागरिक मंच की ओर से बुधवार को नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का नागरिक अभिनंदन किया गया तो वह भावुक हो उठे। उन्होंने बच्चों के लिए पुरानी किताबें इक्ट्ठा करने से लेकर ईंट भठ्ठे पर काम करने वाले वासल खान और उसकी बेटी की कहानी सहित अपने संघर्ष का सफर साझा किया। साथ ही प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में किए आंदोलनों को याद किया।
सत्यार्थी बोले, नोबेल पुरस्कार राष्ट्र को समर्पित करने के बाद जिस तरह आप सभी उसके साझीदार हुए, उसी तरह बाल दासता उन्मूलन के संघर्ष में भी साझीदार हैं। कोशिश करें, प्रयागराज ‘बालमित्र प्रयागराज’ बने। सरकारें शिक्षा और बच्चों के विकास पर ज्यादा से ज्यादा खर्च करें। पश्चिम हमें बाजार बना रहा है लेकिन, भारत की धरती पर करुणा का भूमंडलीकरण जरूरी है। सिर्फ सरकारों के भरोसे न रहें। जातिपात से ऊपर उठकर हम व्यापक हितों के लिए सोचें, आगे बढ़ें और काम करें। समाज का हित चाहने वाली शक्तियों को एकजुट होना होगा। प्रत्येक समस्या का समाधान उसके गर्भ में ही होता है। यदि भारत सौ समस्याओं की धरती है तो यहीं पर एक अरब समस्याओं का समाधान भी है। दुनिया की अनेक बड़ी समस्याओं का समाधान भारतीयों ने किया है। हर भारतीय एक समाधान है।
कार्यक्रम अध्यक्ष पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा, यह भारत और भारतीय विचारधारा का सम्मान है। न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कहा, चाहे जितना अच्छा कानून बना लें लेकिन वह तब तक सफल नहीं होता जब तक कैलाश सत्यार्थी जैसे समर्पित लोग न हों। हमें अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी जानना चाहिए। सांसद केशरीदेवी पटेल, डॉ.नरेद्र कुमार सिंह गौर ने भी कैलाश के कामों को सराहा।
सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में हुए समारोह में कैलाश सत्याथी की पत्नी सुमेधा सत्यार्थी को भी उपहार तथा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, संचालन डॉ.अशोक कुमार शुक्ल एवं धन्यवाद ज्ञापन विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने किया। कार्यक्रम में केबी तिवारी, सुरेश चंद्र पांडेय, आरएलडी दुबे, फूलचंद्र दुबे, सुशील खरबंदा, नरेश राय, डॉ.एलएस ओझा, अभिषेक शुक्ल, विजय बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
संस्थाओं ने किया सत्यार्थी का सम्मान
अभिनंदन से पूर्व तमन्ना संस्थान के निदेशक डॉ.सुरेश द्विवेदी ने कैलाश सत्यार्थी का अभिनंदन पत्र पढ़ा। यूनाइटेड मेडिसिटी के जगदीश गुलाटी के अतिरिक्त रोटरी, लायंस सहित अनेक संस्थाओं की ओर से शाल ओढ़ाने के बाद पुष्पगुच्छ देकर सत्यार्थी को सम्मानित किया गया। कारोबारी नेता अमर वैश्य ‘मुन्ना भइया सहित अनेक कारोबारियों ने 101 किलो की फूलों की माला पहनाकर कैलाश एवं सुमेधा का स्वागत किया।
आजाद प्रतिमा पर चढ़ाए फूल
प्रयागराज पहुंचे कैलाश सत्यार्थी और उनकी पत्नी सुमेधा सत्यार्थी ने चंद्रशेखर आजाद पार्क पहुंचकर आजाद प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और उन्हें नमन किया।