व्हाट्स एप चैट और कॉल रिकार्डिंग का ऑडियो वायरल होने से विवादों में फंसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के मामले में न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने जांच के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। मंगलवार को उन्होंने कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र से उनके कार्यालय में मुलाकात की और कुछ शर्तों के साथ मामले की जांच के लिए तैयार हो गए। इसके साथ इविवि प्रशासन ने जांच के लिए साक्ष्य इकट्ठा किए जाने की तिथि 29 सितंबर तक बढ़ा दी है।
न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने इविवि के कार्यवाहक कुलपति को दिए पत्र में कहा है कि शिकायतकर्ता को शिकायत दर्ज कराने के साथ एक शपथपत्र भी देना होगा और आरोप लगाने वाले को ही इसकी सत्यता की जिम्मेदारी लेनी होगी। केवल इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता को शपथपत्र के साथ साक्ष्य भी सौंपने होंगे। न्यायमूर्ति टंडन ने कार्यवाहक कुलपति से कहा कि जांच के तहत साक्ष्य इकट्ठा किए जाने की अंतिम तिथि 26 सितंबर निर्धारित की गई थी, जो बुधवार को समाप्त हो रही है। न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कार्यवाहक कुलपति से साक्ष्य इकट्ठा किए जाने की तिथि बढ़ाए जाने की मांग की। इस पर कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए साक्ष्य इकट्ठा किए जाने की तिथि 29 सितंबर तक बढ़ा दी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 27 से 29 नवंबर तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में असिस्टेंट रजिस्ट्रार देवेश कुमार गोस्वामी को सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक साक्ष्य उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उधर, मंगलवार को भी इविवि के अतिथि गृह में लोगों से साक्ष्य एकत्रित किए गए।