जनवरी में कई खगोलीय घटनाएं होंगी। चंद्रमा अलग-अलग ग्रहों संग जुगलबंदी करता नजर आएगा। तीन जनवरी को पूर्णिमा और इस दिन पृथ्वी सूर्य के निकटतम बिंदु पर रहती है। इसे उपसौर कहते हैं। इसी दिन चंद्रमा के सबसे नजदीक बृहस्पति ग्रह होगा। प्रत्येक माह में किसी न किसी ग्रह का आपस में तालमेल बैठता है जिसका असर राशियों पर पड़ता है। इस बात का ध्यान ग्रह भी करा रहे हैं।
सूर्य धनु राशि में है। अपने मार्ग पर गति करता हुआ महीने के मध्य में मकर राशि में प्रवेश करेगा। यह अधिकांश एक सीध में है। आसमान साफ होने पर इसे बिना टेलीस्कोप के भी देख सकते है। सबसे छोटा ग्रह बुध व सबसे चमकीला ग्रह शुक्र कुंभ राशि में है। सूर्योदय से एक घंटे पहले पूर्व दिशा में दोनों ग्रहों को देखा जा सकता है। लाल ग्रह मंगल मकर राशि में है। सबसे बड़ा बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि में है। जिसे पूरी रात देखा जा सकता है। इसी क्रम में वलयाकार शनि ग्रह मीन राशि में है।
तारामंडल की विज्ञानी सुरूर फातिमा ने बताया कि तीन जनवरी को पूर्णिमा और चंद्रमा के निकट बृहस्पति ग्रह होगा। 18 जनवरी को अमावस्या होगी। 19 जनवरी को चंद्रमा के निकट शुक्र, 23 जनवरी को शनि ग्रह और 31 जनवरी को बृहस्पति ग्रह होगा। उन्होंने बताया कि उत्तर दिशा में हम ‘ध्रुव’ तारे को पूर्व में शर्मिष्ठा तारामंडल या पश्चिम में सप्तर्षि के सूचक से पहचान सकते हैं।
राशि चक्र सूर्य के काल्पनिक पथ पर स्थित है, जिसे आयनिकवृत के नाम से जानते हैं। आकाश में मीन, मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क और सिंह प्रमुख है। आकाश में हमल, कृत्तिका, रोहणी, पुनर्वसु, मघा, काक्षी, राजन्य, व्याध, प्रश्वा और अगस्त्य चमकीले तारे देख सकते हैं। आकाश में दिखाई देने वाली धुंधली पट्टी हमारी आकाश गंगा है।