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जंक्शन के रेल यात्रियों के लिए गंदा पानी

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इलाहाबाद (ब्यूरो)। रेलवे स्वच्छता का अभियान चला रहा है ,लेकिन जंक्शन पर यात्रियों को ऐसा पानी पिला रहा है जिसे हलक के नीचे उतारना मुश्किल है। शीतल पेयजल का टैग लगाकर रेलवे यात्रियों को बीमारी बांट रहा है। प्लेटफार्म नंबर 2-3 दिल्ली छोर पर बनी छह नंबर टंकी से बोतल भरने वाले यात्री इसके लिए रेलवे को कोस रहे हैं। टंकी के अंदर पानी की जगह कीचड़ और यूज्ड बोतलें पड़ी हैं। मरी हुई छिपकली और कीड़े भी टैंक के अंदर बिखरे पड़े हैं। रेलवे की यह लापरवाही यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है।
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मोदी सरकार स्वच्छता पर फोकस कर रही है। रेल मंत्रालय के निर्देश पर उत्तर मध्य रेलवे भी स्वच्छता का नारा लगा रहा है, लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। छह नंबर टंकी से शीतल जल के लिए बगल में वॉटर कूलर भी रखा है। दोनों पर शीतल और स्वच्छ जल का नारा भी है, लेकिन दोनों ओर लगी छह टोटियों में दो टूटी पड़ी हैं। एक-एक टोटी से बूंद-बूंद पानी भी निकल रहा है। दोनों प्लेटफार्म पर रुकने वाली ट्रेनों के यात्री शीतल जल की टंकी देख दौड़ भी रहे हैं लेकिन गंदा पानी देख भिन्ना जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को तीन नंबर प्लेटफार्म पर खड़ी मुरी एक्सप्रेस से उतरे यात्रियों ने हल्ला भी काटा।

गंदे पानी की शिकायत पर टंकी के अंदर का दृश्य यात्रियों को हिलाने वाला निकाला। टंकी के अंदर की हालत ऐसी है कि पिछले कई वर्षों से इसकी सफाई नहीं हुई। मिट्टी की परत के ऊपर मरी हुई छिपकली, कीड़े, रेल नीर की खाली बोतल, लकड़ियां और जाने क्या-क्या पड़ी हैं। अंदर के हालात ऐसे हैं जिन्हें देखने के बाद रेल यात्री स्टेशन की टंकियों से पानी पीना छोड़ देंगे। जबकि, 90 फीसदी यात्री इन्हीं टंकियों में भरे पानी के भरोसे यात्रा कर रहे हैं।
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