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झूमकर बरसे बदरा, पारा धड़ाम

Sun, 12 Jul 2015 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद(ब्यूरो)। आखिरकार गंगा के मैदान में मानसून विधिवत सक्रिय हो ही गया। मानसून ने नए तेवर के साथ दस्तक क्या दी, मौसम का पूरा तानाबाना ही बदल गया। मानसून की सक्रियता का ही असर रहा कि शहर व आसपास इलाकों में पिछले चौबीस घंटे से झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के आंकड़ाें के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे के भीतर 39.6 मिमी बारिश हुई है। बारिश व तेज हवाआें के चलते अधिकतम पारा अचानक 29.0 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम पारा 26 डिग्री पर पहुंच गया।
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रात और दिन के पारे में महज तीन डिग्री का अंतर रहा। पारा लुढ़कने व नमी में भारी कमी ने शहरियों को गर्मी से राहत दिलाई। मौसम के बदले मिजाज का लोगाें ने जमकर लुफ़्त भी उठाया। मौसम विज्ञानी डॉ. एचएन मिश्रा का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे मानसून ने अब विधिवत गंगा के मैदान मेें दस्तक दी है। मानसून के सक्रिय होने से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, यूपी व दिल्ली तक बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में भारी बारिश की उम्मीद है।

बारिश के चलते सिविल लाइंस, कटरा, चौक, कीडगंज, बहादुरगंज समेत शहर के विभिन्न इलाकाें में चाय, समोसे की दुकानों पर दिन भर लोगों की भीड़ रही । शहरियों ने गर्म चाय और समोसे के साथ बारिश का लुफ्त उठाया। जबकि कई लोगों ने घर में बनी पकौड़ी का लुफ्त लिया ।
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झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशियां बिखेर दी है। पिछले एक पखवाड़े से आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों को बारिश ने भारी राहत दी है। बारिश न होने से किसान फसलों खासकर धान की रोपाई नहीं कर पा रहे थे। धान की नर्सरी बचाने के लिए किसानों को भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। कृषि विज्ञानियों के मुताबिक बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की फसलों को हुआ है। बारिश नही होने से किसान रोपाई नहीं कर पा रहे थे।

बारिश के साथ तेज हवाओं के चलते कीडगंज,  सोहबतियाबाग, अल्लापुर, सरकुलर रोड, कैंट, राजापुर, कई पेड़ गिर गए। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। पेड़ों के गिरने से सड़कों पर यातायात भी बाधित रहा। शहरियों को अन्य सड़कों से गुरजना पड़ा।
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