मौनी अमावस्या पर हादसा। फाइल फोटो
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महाकुंभ के दौरान 29 जनवरी की भोर में मौनी अमावस्या के दिन हुए हादसे की जांच के लिए सोमवार को न्यायिक आयोग की टीम तीसरी बार दोपहर बाद प्रयागराज आएगी। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में गठित टीम 12 मार्च तक प्रवास कर साक्ष्य संकलन करेगी। संभावना है कि होली बाद मार्च के अंतिम सप्ताह तक आयोग अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दें।
मौनी अमावस्या के दिन संगम नोज पर हुए हादसे के साथ ही मेला क्षेत्र में हादसे से जुड़ी सभी घटनाओं की जांच न्यायिक आयोग को सौंपा गया है। हादसों में हुई मौतों और लापता लोगों के संबंध में भी रिपोर्ट तैयार करेगा। हाल ही में हाईकोर्ट में जनहित याचिका में याची के अधिवक्ता ने कोर्ट में हादसों के परिणाम स्वरूप वीडियो फुटेज की पैन ड्राइव दाखिल कर दावा किया था कि अमावस्या के दिन एक नहीं, कई जगह हादसे हुए। बताया कि खोया पाया केंद्र से लापता लोगों के नामों की उद्घोषणा करने में भी आनाकानी की जा रही थी। पीड़ित परिजनों से लापता लोगों के आधार कार्ड मांगे जा रहे है।
यह भी दावा किया था कि सरकार हादसे में हुई मौतों की संख्या गलत बता रही है। 30 मौतों की पुष्टि की गई है। जबकि मृतकों की संख्या कहीं अधिक है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता मनीष गोयल ने उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को गैर जरूरी बताया था। दलील दी थी कि सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में पहले ही न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है। जो एक माह में हादसे का कारण व भविष्य में बचाव के उपाय के संबंध में रिपोर्ट पेश करेगा।
न्यायिक आयोग की जांच की वजह से डयूटी पर तैनात अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों की बेचैनी बढ़ गई हैं। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में गठित टीम में रिटायर्ड आईएएस दिनेश कुमार सिंह और रिटायर्ड आईपीएस वीके गुप्ता भी शामिल है।