माघ मेले में रविवार दोपहर काशी सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के शिविर के बाहर उनके भक्त की कार से नगदी और गहने से भरा बैग चोरी हो गया। बदमाश कार का कांच तोड़कर बैग ले गए जिसमें 50 हजार रुपये और सोने के टाप्स थे। चोरी का पता टलने पर साधुओं ने त्रिवेणी मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस ने उन्हें चोरों को दबोचने का भरोसा देकर मनाया। रात में बैग एक गली में मिला पर गहने-पैसे गायब थे। सीसीटीवी फुटेज से चोरों का हुलिया मिला है।
शहर के बेनीगंज में रहने वाले शिक्षक आलोक कुमार रविवार दोपहर पत्नी और बच्चों के साथ मेले में त्रिवेणी बांध के निकट काशी सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के शिविर पहुंचे। वह करीब पौने बारह बजे कार लॉक कर अंदर गए। पता चला कि स्वामी नरेंद्रानंद अभी नहीं आए हैं। आलोक करुणानंद सरस्वती से मिलकर बाहर निकले तो कार में पिछला बायां कांच टूटा था। पिछली सीट पर रखा बैग नदारद था। बैग में 50 हजार रुपये और सोने के गहने थे। आलोक ने इस बारे में शिविर में बताया साथ ही पुलिस को सूचना दी। उस वक्त मेले में पुलिस-प्रशासन की बैठक चल रही थी। पुलिस के आने में देरी होने पर साधु-संत त्रिवेणी मार्ग पर बैठ गए। जाम लगा तो कुछ देर में खाक चौक थानाध्यक्ष ओमशंकर शुक्ला आ गए। उन्होंने साधु-संतों को यह कहकर मनाया कि चोरों को जल्द पकड़ा जाएगा सीसीटीवी फुटेज में एक बालक के साथ साधु वेशधारी चोर कार का कांच तोड़ते दिखा है। रात में कुछ दूर पर गली में बैग मिला जिसमें न पैसे थे न टाप्स। थानाध्यक्ष ने बताया कि गली में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी सुबह देखा जाएगा।