जवाहर यादव की पत्नी विजमा समर्थकों के साथ
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जवाहर यादव ऊर्फ पंडित हत्याकांड में करवरिया बंधुओं को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद पत्नी विजमा यादव तथा परिवार के अन्य सदस्यों के चेहरे पर संतोष के भाव दिखे। न्यायालय के आदेश को लेकर उनमें उत्साह था तथा मिठाइयां भी बांटी गईं लेकिन 23 वर्ष पहले हुई पति की हत्या तथा संघर्षों की चर्चा के दौरान विजमा की आंखें कई बार छलक पड़ीं।
फैसले पर सपा नेता पूर्व विधायक विजमा ने कहा, 23 वर्ष बाद न्याय मिला है। सरकार ने तो मुकदमा वापस ले लिया था लेकिन न्यायालय पर पूरा भरोसा था। न्यायालय के आदेश से भरोसा और मजबूत हुआ है। यदि वे लोग (करवरिया बंधु) हाईकोर्ट गए तो वहां भी संघर्ष जारी रहेगा। न्याय के लिए जहां भी जाना पड़ेगा वहां जाएंगे।
अशोक नगर स्थित विजमा यादव के आवास पर लगातार लोगों का जमावड़ा बना रहा। वहां जीत का उत्साह तो था लेकिन खामोशी भी रही। न्यायालय के आदेश तथा आगे की संभावित न्ययायिक प्रक्रिया एवं अन्य गतिविधियों पर चर्चा होती रही। विजमा का कहना था, 23 वर्ष तक बहुत संघर्ष किया। शादी के साढ़े छह साल बाद ही पति की हत्या कर दी गई।
पहली बार एक-47 का उपयोग किया गया था। मैं कभी घर से नहीं निकली थी लेकिन न्याय की लड़ाई के साथ बच्चों का पालन, राजनीति, अन्य जिम्मेदारी बहुत संघर्ष किया। (डबडबाई आंखों के साथ) विजमा कहती हैं, ‘चार साल का बेटा विरेंद्र और तीन वर्ष की बेटी ज्योति को एक दिन पहले ही लखनऊ स्थित स्कूल के हॉस्टल छोड़ा था। घटना से पांच मिनट पहले ही उनका (पति) फोन आया था। कुछ देर बाद ही फिर फोन आया और ...।