बारा के बावंधर गांव में अधूरी पड़ी पानी की टंकी
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ग्रामीण इलाकों में पेयजल समस्या की किल्लत को दूर करने के लिए शासन द्वारा 2023 में जल जीवन मिशन योजना शुरू किया गया था। जिम्मेदारों की अनदेखी से निर्धारित अवधि पूर्ण हो जाने के बावजूद घरों में पानी नहीं पहुंचा।
तहसील क्षेत्र के जसरा और शंकरगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल नल योजना शुरू किया गया है। इसके लिए विभाग की ओर से 440 करोड़ रुपये से विकास खंड जसरा के ग्राम पंचायत देवरिया में यमुना नदी के मध्य में बोर कराया गया है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य 275 गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाना है।
इसके तहत विभिन्न गांवों को जोड़ने के लिए 1980 किमी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाना था और 44 पानी की टंकी विभिन्न गांवों में बनवाना था, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से योजना बेकार साबित हो रही है।
विकास खंड जसरा और शंकरगढ़ के निर्माणाधीन 44 टंकियों में से शत प्रतिशत कार्य किसी का पूरा नहीं हो सका है। ओम प्रकाश मिश्रा और सतीश त्रिपाठी आदि ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश जगहों पर अभी तक 40 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। 31 जुलाई 2025 तक कार्य पूर्ण कर पानी की आपूर्ति होनी थी। कार्य को पूर्ण करने और पानी की आपूर्ति शुरू किए जाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया जा सका है।
विकास खंड जसरा के ग्राम पंचायत पिपराव सहित अन्य गांवों में एक वर्ष पूर्व ठेकेदार कार्य को अधूरा छोड़कर भाग गया है। इससे पानी की आस लगाए बैठे ग्रामीणों में मायूसी छा गई है। मामले में अधिशाषी अभियंता प्रयागराज प्रवीण कुमार का कहना है कि धन के अभाव में कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका है। इसकी अवधि 2027 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है।