ऑक्सीजन की कालाबाजारी के मामले में एक दिन पहले गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी शुक्रवार को जेल भेज दिए गए। पुलिस इस मामले में ऑक्सीजन सिलेंडर बेचने वाले दुकानदारों से भी पूछताछ की तैयारी में है। दरअसल आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह ऑक्सीजन सिलेंडर बेचने वाले कुछ दुकानदारों के संपर्क में थे।
कोतवाली पुलिस ने एक दिन पहले अनूप यादव पुत्र मदनजी यादव निवासी दोकटी बैरिया, मौजूदा पता खुल्दाबाद, बिलाल पुत्र नईम भडरा चौराहा नैनी, सुरेंद्र पहवा पुत्र अशोक निवासी मीरापुर अतरसुइया को एसआरएन अस्पताल के पास से ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि एक आरोपी सुरेंद्र अतरसुइया में ही पहले गैस वेल्डिंग की दुकान चलाता था। जिसके चलते उसका कई दुकानदारों से संपर्क था। कोरोना काल में ऑक्सीजन की मांग बढ़ी तो उसने इसका फायदा उठाने की सोची।
इसके बाद अपने अन्य दोनों साथियों संग मिलकर कालाबाजारी शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि वह ग्राहक फंसाने के लिए अलग-अलग जगह चुनते थे। एसआरएन अस्पताल के अलावा रामबाग में ऑक्सीजन सिलेंडर की दुकानों के बाहर भी उनका अड्डा था। जहां तीमारदार के पहुंचते ही वह उसे झांसे में ले लेते थे। ऐसे में पुलिस अब दुकानदारों से भी पूछताछ की तैयारी में है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि फिलहाल आरोपियों से यह नहीं पता चल सका कि वह भरा हुआ सिलेंडर कहां से लाते थे। जानकारी जुटाई जा रही है। जो कोई भी कालाबाजारी के इस खेल में उनका मददगार होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।