सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपी की
अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की और कहा कि साथ रहने वाले दो बालिगों की रक्षा करना पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य है। सुप्रीम कोर्ट के शक्ति वाहिनी बनाम भारत संघ मामले का हवाला देते हुए खंडपीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) की होती है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने पहले ही पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर को आवेदन दिया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी ठहराया है।
गिरफ्तारी पर लगाई रोक
अदालत ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं को अगले आदेश तक गिरफ्तार न किया जाए। इसके अलावा, महिला के परिवार के सदस्यों को याचिकाकर्ताओं के घर में प्रवेश करने या उनसे किसी भी माध्यम से संपर्क कर नुकसान पहुंचाने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (अनुपालन) को निर्देश दिया कि इस आदेश की प्रति 24 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। मामले की अगली सुनवाई आठ अप्रैल 2026 को होगी।
अदालत की टिप्पणी
कानून और नैतिकता को अलग-अलग रखा जाना चाहिए। यदि किसी मामले में कानूनी रूप से कोई अपराध नहीं बनता है तो नैतिकता के आधार पर अधिकारों की रक्षा करने से पीछे नहीं हटा जा सकता। - हाईकोर्ट