इस्कॉन मंदिर के सचिव जय प्रकाश बताते हैं कि भगवान की मूर्तियों को कैसे बनाना है, यह कला निकेतन में सिखाया जाएगा। संस्कृति में पांच से 12 साल तक के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। आधुनिकता के साथ शालीनता का समावेश करते हुए युवाओं को पहनावे के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे।
वैष्णवी संघ में महिलाओं को बताएंगे कि प्रभुपादजी ने कैसे अपना जीवन बिताया है। भोजशालय से रोजाना 20 हजार लोगों को प्रसाद देने की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों को प्रभु का इतिहास बताया जाएगा। भक्ति केंद्र में प्रवचन हॉल, ऑनलाइन कथा के लिए स्टूडियो रिकॉर्डिंग रूम, वैदिक पुस्तकालय हॉल और सुख-सुविधाओं से सुसज्जित 42 कमरों का अतिथि गृह भी बनेगा।
यह सुविधाएं होंगी
-मंदिर हॉल में 350 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था
-150 लोग एक साथ हॉल में प्रसाद बना सकेंगे
- गोविंदास रेस्टोरेंट में एक साथ 100 लोग बैठ सकेंगे
-सेमिनार हॉल की क्षमता 100 लोगों के बैठने की होगी
-31 डीलक्स रूम, आठ रूम और तीन सुईट्स होंगे
-रसोई घर में 5000 श्रद्धालुओं का बन सकेगा भोजन
- दो गिफ्ट्स शॉप खुलेंगी, जहां ऑर्गेनिक वस्तुएं और किताबें मिलेंगी
भक्ति वेदांत सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण दिसंबर से पहले पूरा करेंगे। यह भारत का पहला केंद्र होगा। दिसंबर में मुख्यमंत्री के हाथों इसका उद्घाटन कराने की योजना है। - जय प्रकाश, सचिव इस्कॉन मंदिर