इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर इटावा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को 23 जुलाई को स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की अदालत ने अनूप कुमार सत्संगी की याचिका पर दिया है।
मामले के मुताबिक नौकरी के दौरान याची की मां की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए उसे खारिज कर दिया कि कोई पद खाली नहीं है। इसके खिलाफ दाखिल याचिका पर कोर्ट ने 16 मार्च 2023 को विभाग को एक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से खाली हो रहे तृतीय श्रेणी के पद पर याची को नियुक्ति देने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ विभाग ने विशेष अपील दाखिल की, जो दस हजार रुपये हर्जाने के साथ चार अगस्त 2023 को खारिज हो गई थी।
याची का आरोप है कि इसके बावजूद विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया। उन्हें उस स्थान पर नियुक्ति नहीं दी गई जहां पद खाली था। साथ ही 25 अप्रैल 2026 के आदेश में उनकी तैनाती की तारीख भी 25 अगस्त 2023 की जगह 1 जनवरी 2024 दर्शायी गई। इस पर खफा कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया गया। लिहाजा, बीएसए इटावा 23 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर पूरे मामले का स्पष्टीकरण दें।