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फर्जी इंवेस्टमेंट कंपनी खोलकर लाखों रुपये हड़पने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरफ्तार

Sun, 27 Dec 2020 01:16 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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धोखाधड़ी - फोटो : pixabay
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देश के कई राज्यों में फर्जी इंवेस्टमेंट कंपनी खोल कर तीन साल में जमा रकम दोगुनी करने के साथ ही हर महीने जमाधन का दो प्रतिशत ब्याज देने का लालच देकर भोलेभाले लोगों से लाखों रूपये ठगने वाले कथित कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत दो लोगों को पुलिस व साइबर सेल की टीम ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए साइबर अपराधियों के कब्जे से पुलिस ने पांच कंप्यूटर सेट व 45 लाख रुपये के बैंक चेक सहित काफी सामान बरामद करने का दावा किया है। बता दें कि गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधियों पर 50-50 हजार का इनाम था। आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर चालान कर दिया गया।
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पुलिस ऑफिस में प्रेसवार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने बताया कि रिद्धि कैपिटल के नाम से एक इंवेस्टमेंट कंपनी जिले के तमाम लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा चुकी थी। मासिक ब्याज नहीं मिलने पर कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोग जब रकम वापस मांगने का दबाव बनाते थे तो कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर तेलंगाना के हैदराबाद स्थित फ्लैट नंबर 302 एसएस नगर थाना उस्मानिया डिग्री कॉलेज निवासी लक्ष्मण कुमार नारायण पुत्र वेणुगोपाल नारायण नाम की पोस्टडेटेड चेक थमा देता था।

जिले के लोगों का कथित कंपनी में 50 लाख से भी ज्यादा रुपये जमा हैं। कंपनी ने कई राज्यों में शाखा खोलकर तमाम लोगों को ठगी का शिकार बनाया। जिले व प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे वाले दफ्तर का संचालन कोखराज कोतवाली के गिरसा निवासी रमाकांत साहू पुत्र रामसजीवन किया करता था।
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लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर एसपी अभिनंदन ने साइबर सेल के सीसीओ अखिलेश उपाध्याय व संदीप कुमार को आरोपियों को ट्रेस करने के लिए लगा दिया। पुलिस टीम ने सर्विलांस की मदद से शनिवार सुबह दोनों को सैनी बस स्टॉप के पास से गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि दोनों के खिलाफ सैनी कोतवाली में नौ दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी में सैनी इंस्पेक्टर ईश्वरशरण राय, उप निरीक्षक विजेंद्र सिंह, सिद्धार्थ सिंह आदि शामिल रहे।

ये समान बरामद हुए

मंझनपुर। पकड़े गए आरोपियों के पास से आईडीबीआई बैंक का पांच चेक, एक रेलवे रिजर्वेशन टिकट, चार एंड्रॉएड फोन, पांच सीपीयू व टीएफटी मॉनीटर, तीन की बोर्ड, एक प्रिंटर सहित तमाम कंप्यूटर के पार्ट्स मिले हैं।

दोस्त से दगाबाजी ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

दोस्त के साथ की गई दगाबाजी ने रमाकांत को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। रमाकांत ने अपने साथी के मोबाइल से धोखाधड़ी करते हुए ओटीपी बाईपास कर उसे दूसरे नंबर में लोड कर लिया था। इसके बाद रमाकांत ने खुद व अपनी पत्नी के बैंक खाते में साथी के खाते से 60 लाख रुपये इंटरनेट बैंकिंग के जरिये ट्रांसफर कर लिए। मामले की शिकायत पर एसपी अभिनंदन ने साइबर सेल को सक्रिय किया तो अंतरराज्यीय ठग गिरोह का खुलासा हुआ।

सिराथू इलाके के जगदीश साहू ने सैनी स्थित जीटी रोड के किनारे एक जमीन बेची थी। जमीन की बिक्री में मिले 60 लाख रुपये उसने सिराथू स्थित एचडीएफसी बैंक के खाते में जमा किया था। जगदीश के अनुसार पिछले दिनों ठग रमाकांत ने जगदीश का मोबाइल बहाने से ले लिया। इसके बाद धोखे से ओटीपी बाईपास कर दूसरे नंबर पर एक्टिव कर लिया।

इसके बाद रमाकांत ने खुद व पत्नी के खाते में 60 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसी रकम से करीब 43 लाख रुपये कथित रिद्धि इंवेस्टमेंट कंपनी में लगाया। बदले में कंपनी के कथित डायरेक्टर लक्ष्मण कुमार नारायण ने उसे बिजनेस पार्टनर बना लिया। प्रयागराज व कौशाम्बी में लोगों का पैसा रमाकांत ही लगवाता था। जिले में भी तमाम लोगों ने रमाकांत के ही कहने पर कंपनी में पैसा लगाया था।
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