बाघंबरी गद्दी मठ में योगाभ्यास करते श्री बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरी।
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यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार
धारणा, ध्यान, समाधय: अष्टौ अङ्गानि
सिद्धांत, व्यक्तिगत अनुशासन, मुद्राएं, जीवन शक्तियों पर नियंत्रण, संवेदना, ध्यान, केंद्रित एकाग्रता, ध्यान और प्रबोधन योग के आठ अंग हैं। हमारे वैदिक ऋषियों ने कई प्रकार एवं विधियों से योग, तंत्र व ज्योतिष आदि विधाओं से मानव सभ्यता के विकास के लिये कई ग्रंथों की रचना भी की है। इसलिये समय निकाल कर अपने जीवन और जीवन क्रम को स्वस्थ, सूदृढ़, सुन्दर तथा निरोगी बनाने के लिये आओं हम सब सपरिवार सहित मिलकर योग करें।