इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा के राइफल क्लब खेल मैदान और बच्चों के पार्क की जमीन पर व्यावसायिक इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही बांदा विकास प्राधिकरण(बीडीए) को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है। बांदा निवासी लल्लू खान और अन्य ने जनहित याचिका दायर की थी। आरोप था कि बीडीए ने 10 मार्च से 30 मई 2026 तक खेल मैदान पर व्यावसायिक प्रदर्शनी की अनुमति दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि प्राधिकरण यह स्पष्ट नहीं कर सका कि बच्चों के पार्क और खेल मैदान के लिए आरक्षित भूमि का कितना हिस्सा सुरक्षित रखा गया।
बीडीए ने प्रदर्शनी को बच्चों के मनोरंजन के लिए बताया, जिसे कोर्ट ने तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक उपयोग के लिए निःशुल्क दी गई भूमि का व्यावसायिक इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने 4,482.50 वर्ग मीटर आरक्षित भूमि का उपयोग बच्चों के पार्क, खेल मैदान, सुलभ शौचालय और सड़क के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए करने पर रोक लगा दी है।