इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद उमाकांत यादव को एक और मुकदमे में 20 दिन के भीतर स्पेशलकोर्ट एमपीएमएलए इलाहाबाद में सरेंडर कर जमानत अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। तब तक उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट एवं कुर्की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है।
कोर्ट ने कहा कि यदि याची तय अवधि में कोर्ट में हाजिर होकर जमानत अर्जी दाखिल नहीं करता है तो एमपीएमएलए कोर्ट कुर्की एवं गैर जमानती वारंट जारी कर कार्रवाई करे। हालांकि, उमाकांत इस समय जेल में बंद हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने उमाकांत यादव व अन्य की याचिका पर दिया है। याचीगण के खिलाफ जौनपुर के शाहगंज थाने में धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। याची का कहना है कि वह कोर्ट में हाजिर होता रहा है। उसके मुकदमे का स्थानांतरण इलाहाबाद की विशेष अदालत में हो गया है, जिसकी जानकारी नहीं थी। वह हाजिर नहीं हुआ तो कोर्ट ने कुर्की, जब्ती कार्यवाही करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया है।
कोर्ट ने याची को हाजिर होकर जमानत अर्जी दाखिल करने की छूट देते हुए अर्जी यथा शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया है। वर्तमान में उमाकांत यादव शाहगंज थाने के जीआरपी सिपाही हत्याकांड के मामले में नैनी जेल में बंद हैं। गत दिनों इस मुकदमे में सरेंडर करने के बाद स्पेशलकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए जेल भेज दिया था।