Instructions to re-measure the length of the constable recruitment candidate
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती 2015 में शामिल अभ्यर्थी की लंबाई की दुबारा जांच करवा कर उसे नियुक्ति देने पर विचार करने का पुलिस भर्ती बोर्ड को आदेश दिया है। बोर्ड द्वारा कराई गई जांच अभ्यर्थी की लंबाई मानक से कम पाई गई। जबकि सरकारी अस्पताल द्वारा की गई जांच में उसकी लंबाई मानक के अनुरूप है। इस विसंगति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सिपाही भर्ती-2015 के अभ्यर्थी रवि प्रताप भारद्वाज की याचिका पर न्यायमूर्ति प्रकाश पड़िया ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता सुनील यादव का कहना था कि शारीरिक परीक्षण के समय अभ्यर्थी समस्त शारीरिक मानकों को पूरा करता था, लेकिन गलत नाप के आधार पर मेडिकल बोर्ड ने लंबाई कम होने की मौखिक जानकारी देते हुए भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया था। जिसके विरुद्ध अभ्यर्थी ने आपत्ति भी की थी। जिस पर पुन: मेडिकल बोर्ड ने मौखिक आदेश के द्वारा अभ्यर्थी को चयनित करने से इंकार कर दिया। याची ने सरकारी अस्पताल में अपनी लंबाई नपवाई तो विज्ञापन के मुताबिक उसकी लम्बाई 168 सेंटीमीटर ही पाई गई।
याची के अधिवक्ता के तर्कों को सुन कर न्यायालय ने भर्ती बोर्ड को आदेश दिया है कि अभ्यर्थी की लंबाई का पुन: परीक्षण करवाया जाए, यदि अभ्यर्थी की लंबाई विज्ञापन की शर्तों के मुताबिक पाई जाती है तो उसकी नियुक्ति पर नियमानुसार विचार किया जाए।