मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के तीन डॉक्टरों पर किडनी चोरी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। सीजेएम न्यायालय में दी गई अर्जी में आरोप लगाया गया है कि कोरोना पीड़ितों के इलाज में डाक्टरों ने न सिर्फ लापरवाही की बल्कि उनकी किडनी भी चोरी की। सीजेएम ने एसपी सिटी प्रयागराज को इस गंभीर आरोप की जांच करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई 22 दिसंबर को होगी यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुशवाहा ने वादी के अधिवक्ता कुश पांडे और अतुल दुबे को सुन कर दिया है।
वादी मिथिलेश कुमार ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के डा. बी सिंह, डा. पी गुप्ता और डा. आर यादव के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156( 3) के तहत मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी प्रस्तुत की है। वादी का कहना है कि उसके भाई अखिलेश कुमार को 27 अगस्त 2020 को एसआरएन में भर्ती किया था। भर्ती के समय उनके स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी थी। 28 अगस्त को डॉक्टरों ने मैसेज कर बताया कि मरीज की हालत गंभीर है। 29 अगस्त को सुबह छह बजे सूचना मिली कि उसके भाई की मृत्यु करोना से हो गई है।
परिवादी ने डॉक्टरों की अनुमति से अपने भाई के मृत शरीर को देखा तो पेट व सीने में बड़ा चीरा लगा हुआ था। जबकि मृतक को पेट या सीने में कोई समस्या नहीं थी। परिवादी का आरोप है कि विपक्षी गणों ने लापरवाही एवं उपेक्षापूर्ण इलाज किया और मृतक के शरीर से किडनी निकाल ली तथा करोना महामारी का हवाला देकर परिवार को गुमराह किया गया। प्रकरण की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने किया और तथ्यों के सत्यापन के लिए पुलिस अधीक्षक नगर को जांच कर अपनी आख्या 22 दिसंबर तक न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।