गलत मेडिकल रिपोर्ट देकर अदालत को गुमराह करने कोशिश को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए गलत रिपोर्ट देने पर डाक्टर पर कार्रवाई करने का सीएमओ झाँसी को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि गुमराह करने वाली गलत मेडिकय्ल रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाले दोषी डाक्टर के खिलाफ विभागीय जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
कोर्ट ने इस बात पर आश्वर्य व्यक्त किया कि आपराधिक घटना में घायल व्यक्ति को डाक्टरों ने पहले मेडिकल जांच में 13चोटें बताई थी। और तीन दिन के भीतर दूसरी मेडिकल रिपोर्ट में केवल चार चोटें की दिखाई गई हैं। इससे जाहिर है कि जानबूझकर कोर्ट को गुमराह करने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है।
यह आदेकश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने शिव प्रताप सिंह उर्फ राम सिंदूर एवं शिवम गुर्जर की अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने स्थिति को देखते हुए जानलेवा हमला करने के दोनों आरोपियों की कुछ शर्तों के साथ जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। 28जून 20से दोनों जेल मे बंद है। कोर्ट इन्हे जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। अर्जी पर अधिवक्ता अश्विनी कुमार ओझा ने बहस की।
याची अधिवक्ता का कहना था कि आधे घंटे के भीतर झाँसी के समथर थाने में दो एफ आई आर दर्ज कराई गई है। एक मनोज कुमार व दूसरी वन्दना द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में लाठी,हाकी देशी तमंचे से हमला करने का आरोप लगाया गया है। श्याम जी को गोली लगी है।
दो मेडिकल रिपोर्ट हैं। एक में 13चोटें तो दूसरी में केवल चार चोटें की दिखाई गई है। दोनों रिपोर्टें दाखिल कर घटना की विश्वसनीयता पर सवाल खडे किए गए हैं। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है और जांच कर दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने कहा है कि याची शर्तो का पालन न करे तो जमानत निरस्त की जा सकती है।