राणा चावला को व्यापार मंडल का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने पर प्रसन्नता जाहिर करते व्यापारी।
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राणा को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया पर पदाधिकारियों ने जताई हैरानी
दवा कारोबारी राणा चावला को प्रयाग व्यापार मंडल का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया पर संगठन के ही पदाधिकारियों ने सवाल खड़े किए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि बिना उनसे विचार विमर्श किए बगैर राणा चावला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने का फरमान जारी कर दिया गया। कुछ पदाधिकारियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी रही कि प्रयागराज में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल के आगमन की सूचना भी उन्हें समय से नहीं दी गई।
पिछले कुछ माह से विजय अरोरा के बीमार चलने से संगठन की गतिविधियां कुछ धीमी हो गई थी। इसी वजह से कयास लगाए जा रहे थे कि प्रयाग व्यापार मंडल को नया अध्यक्ष मिल सकता है। शनिवार को ऐसा ही हुआ, लेकिन अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल जरूर खड़े हो गए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील खरबंदा ने कहा कि राणा चावला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया, उससे कोई समस्या नहीं, लेकिन उक्त प्रक्रिया पर उनसे कोई विचार विमर्श नहीं किया गया।
व्यापरी बोले- कंछल का फैसला एकतरफा, निर्धारित प्रक्रिया का नहीं किया गया पालन
यह स्पष्ट होना चाहिए कि बनवारी लाल कंछल ने इस संबंध में किन लोगों से बातचीत की। कहा कि उन्हें कंछल के प्रयागराज आगमन की सूचना भी उन्हें शनिवार को ही दी गई, जबकि कुछ पदाधिकारियों को एक दिन पूर्व यह सूचना दे दी गई थी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष मो. कादिर ने कहा कि कुछ लोगों की हठधर्मिता की वजह से संगठन की छवि को झटका लगा है।
तमाम लोग इस निर्णय से संतुष्ट नहीं है, क्योंकि उनसे विचार विमर्श नहीं किया गया। सिविल लाइंस व्यापार मंडल के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने भी उक्त प्रक्रिया पर हैरानी जताई। वहीं दूसरी ओर राणा चावला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा के दौरान मौके पर मौजूद तमाम व्यापारी इस निर्णय से सहमत नहीं दिखे। ज्यादातर का यही मानना था कि अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए थी।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के विरोध में जिला मुख्यालयों में व्यापारी करेंगे प्रदर्शन
ऑनलाइन ट्रेडिंग के विरोध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से सभी जिला मुख्यालय में मंगलवार 27 जून को प्रदर्शन किया जाएगा। इसके पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, 47 राज्यमंत्रियों को भी ऑनलाइन ट्रेडिंग के विरोध में पत्र भेजे जा रहे हैं। शनिवार को यह जानकारी संगठन के अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने दी।
सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में बनवारी लाल कंछल ने कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के विरोध में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सदस्यों को भी व्यक्तिगत पत्र भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीएम समेत 100 से अधिक लोगों को पत्र भेजे जा चुके हैं। पत्र में लिखा गया है कि ‘ऑनलाइन ट्रेडिंग को हटाइए, भारत के सात करोड़ खुदरा व्यापारियों और उनके कर्मचारियों का जीवन बचाइए’।
कॉरपोरेट घराने जब घर-घर बेचेंगे माल तब खुदरा व्यापारी की दुकान होगी बदहाल ’। कहा कि अगर खुदरा व्यापार को लेकर सरकार ने कोई कदम न उठाया तो व्यापारी भारत बंद पर विचार कर सकते हैं। कंछल ने बताया कि व्यापार प्रतिनिधि मंडल प्रदेश का सबसे बड़ा एवं पुराना व्यापारिक संगठन है। 23 सितंबर को संगठन के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर स्वर्ण जयंती समारोह क आयोजन सभी जिलों एवं तहसीलों में होगा।