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UPPSC : पीसीएस प्री में हर केंद्र पर इंस्पेक्टर की होगी तैनाती, आयोग ने सुचिता के लिए उठाए कई कदम

Wed, 08 Oct 2025 05:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सम्मिलित प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) प्रारंभिक परीक्षा 2025 में हर परीक्षा केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ इंस्पेक्टर की भी तैनाती होगी। इनके साथ पुलिस कर्मियों की संख्या भी दो से तीन गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
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यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सम्मिलित प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) प्रारंभिक परीक्षा 2025 में हर परीक्षा केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ इंस्पेक्टर की भी तैनाती होगी। इनके साथ पुलिस कर्मियों की संख्या भी दो से तीन गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 का पेपर लीक होने के बाद आयोग की भर्ती परीक्षाओं की सुचिता के लिए कई कदम उठाए गए हैं। शासन की ओर से नियमावली तैयार की गई है।

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इसके तहत आयोग की परीक्षाओं में हर केंद्र को एक सेक्टर के रूप में तब्दील कर दिया गया है। हर सेक्टर पर स्टैटिक के साथ सेक्टर मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की जाती है। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में हर सेंटर के लिए अलग इंस्पेक्टर की भी तैनाती का निर्णय लिया गया है। इसे लेकर शासन ने भी पूरी तैयारी की है। यह पुलिस कर्मी हर अभ्यर्थी की जांच गेट पर करेंगे।यदि कोई अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र परिसर में ले जाने में सफल रहा तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस की भी होगी। इसके अलावा संबंधित थाने के प्रभारी लगातार पेट्रोलिंग भी करते रहेंगे।

दो स्तर पर होगी जांच

केंद्र पर अभ्यर्थियों की दो स्तर पर जांच होगी। पहले गेट पर ही पुलिस कर्मी हर अभ्यर्थी का निरीक्षण करेंगे। गेट पर एजेंसी के प्रतिनिधि अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी करेंगे। इसके तहत रेटिना का मिलान किया जाएगा। इसके बाद केंद्र परिसर में परीक्षण किया जाएगा।

कंट्रोल रूम में बढ़ाई स्क्रीन की संख्या

आयोग परिसर में एआई तकनीकी से लैस कंट्रोल रूम का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा केंद्र के हर कक्ष में भी कैमरे लगाना अनिवार्य है जो जिला स्तर पर बने एनआईसी के माध्यम से आयोग के कंट्रोल रूम से कनेक्ट होंगे। कंट्रोल में जिलेवार स्क्रीन की संख्या भी तीन गुना तक बढ़ा दी गई है। आयोग के अफसर के अनुसार अब तक हर जिले के लिए एक या दो स्क्रीन होते थे। इससे किसी सेंटर की दोबारा पिक्चर आने में आधे घंटे से भी अधिक समय लग जाता था। अब हर पांच मिनट में सेंटर के लोकेशन रोटेट होते रहेंगे। इससे निगरानी और मजबूत होगी।
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अभ्यर्थी ने गर्दन भी घुमाई तो आएगा अलर्ट

आयोग का कंट्रोल रूम एआई तकनीकी से लैस है। इसकी मदद से परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थी के किसी भी मूवमेंट पर अलर्ट आ जाएगा। यहां तक कि गर्दन भी हिलाई तो अलर्ट जारी हो जाएगा। आयोग की ओर से इसी अलर्ट के आधार पर एजेंसी को भुगतान भी किया जाएगा। आयोग के अफसरों के अनुसार कक्ष में 20 से 40 अभ्यर्थी होते हैं। ऐसे में लगातार हलचल स्वाभाविक है और यह सिस्टम इतना सेंसेटिव है कि हर हलचल का अलर्ट जारी करेगा। ऐसे में लगातार अलर्ट आते रहना चाहिए। यदि किसी सेंटर से अलर्ट नहीं आता है तो सतर्कता बढ़ा दी जाएगी। इसके अलावा एजेंसी के भुगतान में भी कटौती की जाएगी।

संबंधित जिलों में भेजे गए आयोग के प्रतिनिधि

आयोग की ओर से हर जिले के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किए जाते हैं जो जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर हर केंद्र पर गाइडलाइन एवं परीक्षा के मानकों को सुनिश्चित कराते हैं। अफसरों, कक्ष निरीक्षकों को प्रशिक्षण भी उनकी निगरानी में दिया जाता है। पूर्व की परीक्षाओं में आयोग के प्रतिनिधि परीक्षा से तीन दिन पहले जिलों में भेजे जाते थे लेकिन पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में एक सप्ताह पहले ही सभी प्रतिनिधि पहुंच गए हैं।
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