जानें क्या था पूरा मामला
आरोप है कि उन्होंने 21 सितंबर 2000 को दोपहर 2.30 बजे चौकी सहसों के सामने श्याम बाबू के पुत्र आनंद जी उर्फ छोटू सात वर्ष के बालक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर उसके शव को सड़क पर रखकर ईंट-बल्ली लगाकर नाजायज तरीके से मजमा लगाकर बलवा किया। सभी लोग घातक असलहों से लैस थे। थाना प्रभारी थाना सराय इनायत कृपाशंकर दीक्षित व अन्य पुलिस अधिकारियों को जान से मारने की नियत से ईंट, पत्थर फेंके, जाम लगाकर सड़क पर अवरोध उत्पन्न किया। जिससे कि लोगों को आने जाने में अवरोध हुआ। आम आदमी के जीवन को संकट में डाल दिया। पुलिसकर्मियों को अपना कर्तव्य निर्वहन करने से रोकने के लिए भय पहुंचाया। उनको चोटें पहुंचाईं, लोक शांति भंग करने के आशय से अपमानित किया। सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी। सड़क पर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। लोक सेवक के आदेश की अवहेलना की। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया एवं लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई।