इलाहाबाद। करीब साल भर पहले बीटेक छात्र को अगवाकर पीटने, लूटपाट और धमकी की घटना में कर्नलगंज पुलिस ने अब एक दरोगा के पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी में छात्र से लूटा गया एटीएम कार्ड, पैन, आईडी कार्ड भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि यह युवक खुद को एसटीएफ का दरोगा बताकर लोगों को धमकाता है। इस केस में दो लोग पहले ही पकड़े जा चुके हैं।
एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद ने बताया कि पिछले साल 14 जुलाई की शाम झलवा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र सौरभ अग्रहरि को कटरा इलाके में उस वक्त कार में खींच लिया गया था, जब वह कॉलेज की फेयरवेल पार्टी से अपनी एक दोस्त शिखा (नाम काल्पनिक) को उसके घर छोड़कर लौट रहा था। सौरभ को बंधक बनाकर अरैल में एक ढाबा पर ले जाकर पीटा गया। उसका मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, कॉलेज का परिचय पत्र, पांच हजार रुपये लूट लिए गए। फिर वहां से सौरभ को म्योहाल चौराहा के निकट फोकस कोचिंग सेंटर के कमरे में लाकर पीटा गया। मारपीट के बाद रात में ही उसे रायबरेली में सलोन स्थित उसके घर ले जाकर छोड़ दिया गया।
धमकी दी कि अब कभी इलाहाबाद न आना। दूसरे रोज उसके भाई को भी फोन कर धमकाया गया। इस घटना में कर्नलगंज थाने में फोकस कोचिंग सेंटर के संचालक राहुल जायसवाल, दरोगा बृजबली तिवारी के पुत्र मनोज तिवारी, रोहित, अंकित, अमन के खिलाफ केस लिखा गया था। पुलिस ने राहुल और रोहित को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल कार और छीना गया मोबाइल बरामद किया था। अंकित और अमन का पता ही नहीं चल सका। अलबत्ता, दरोगा का पुत्र मनोज कटरा चौकी के सरकारी निवास में रहते हुए भी पकड़ में नहीं आ सका। उसे रविवार रात कर्नलगंज नाका चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का दावा है कि मनोज की निशानदेही पर बीटेक छात्र से छीने गए सभी कार्ड और वह मोबाइल जब्त किया गया, जिससे सौरभ को बाद में धमकी दी गई थी। इंस्पेक्टर सिद्धार्थ तोमर ने बताया कि इस वारदात की वजह थी छात्रा शिखा से सौरभ की दोस्ती। शिखा को पहले राहुल जायसवाल पढ़ाता था। फिर उससे कोर्ट मैरिज कर ली। शिखा की सौरभ से दोस्ती उसे अखर रही थी। इसीलिए उसने यह घटना अंजाम दी थी। गिरफ्तार दरोगा पुत्र के बारे में पुलिस का कहना है कि वह खुद को एसटीएफ का दरोगा बताकर लोगों पर रौब गांठ धन उगाही करता रहा है। जबकि उसके पिता कौशाम्बी में तैनात हैं।