इलाहाबाद। एसएसपी की फटकार के बाद बागी तेवर दिखाने वाले जार्जटाउन थाने के उपनिरीक्षक राजीव तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि जीडी में आपत्तिजनक तस्करा डालने के बाद वह लगभग डेढ़ सौ मुकदमों के कागजात भी साथ लेते गए। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान अपराध नियंत्रण में भी दिलचस्पी नहीं ली। सीओ से इस बारे में रिपोर्ट मिलने पर बृहस्पतिवार रात एसएसपी ने दरोगा के खिलाफ यह कार्रवाई की। इसके अलावा जीडी में तस्करा डालने के मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट मिलने पर दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू हो सकती है।
जार्जटाउन चौकी प्रभारी राजीव तिवारी ने सोमवार रात साढ़े आठ बजे थाने की जीडी में तस्करा डाला था कि वह क्षेत्र की समस्याओं के बारे में बात करने के लिए एसएसपी के सामने पेश हुए तो उन्हें डांटा और बदतमीजी से जलील किया। जिसकी वजह से उनका मानसिक संतुलन खराब हो गया। ऐसी स्थिति में वह काम करने में असमर्थ है। जीडी में यह तस्करा डालकर दरोगा राजीव थाने से निकल गए। इस बारे में पता चला तो अफसर सन्न रह गए। सीओ चतुर्थ को मामले की जांच सौंप दी गई। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार रात अमर उजाला को बताया कि सीओ ने जांच रिपोर्ट दी है, जिसमें बताया कि उपनिरीक्षक राजीव के पास 151 मुकदमों कीविवेचना थी। वह इन विवेचनाओं की केसडायरी तथा दूसरे कागजात थाने में जमा किए बिना चले गए हैं। ऐसे में मुकदमों की विवेचना रुकी है। वादी परेशान हैं। सरकारी काम बाधित हो रहा है। उनमें वर्ष 2014 के दो मुकदमे ऐसे हैं जिनकी विवेचना हाईकोर्ट ने 17 अगस्त को जारी आदेश के तहत एक महीने में पूरी करने को कहा है। मगर राजीव उन दोनों मुकदमे के भी कागजात साथ ले गए। अब समय कम होने से हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करना मुश्किल हो गया है।
57 वारदातों में एक का भी खुलासा नहीं
एसएसपी के मुताबिक, दरोगा के क्षेत्र में 11 लूट-छिनैती, छह नकबजनी और 40 चोरी की घटनाएं हुईं, लेकिन बतौर चौकी प्रभारी राजीव ने एक भी घटना का पर्दाफाश नहीं किया। यह सरकारी काम और अपराध नियंत्रण में घोर लापरवाही है। इसी वजह से उपनिरीक्षक राजीव को निलंबित कर दिया गया है। जीडी में तस्करा डालने के मसले की जांच एएसपी गणेश साहा को दी गई है। उनकी जांच आख्या मिलने पर अगली कार्रवाई हो सके गी।