सिविल लाइंस स्थित रेलवे कालोनी में रहने वाले दरोगा के रेलकर्मी बेटे प्रदीप कुमार यादव (33) ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। आशंका है कि घरेलू कलह के चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
मूलत: मिर्जापुर जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित मिलयन गांव निवासी प्रदीप पुत्र विजय श्याम यादव रेलवे में कार चालक के पद पर कार्यरत था। उसके पिता देवरिया जनपद में उपनिरीक्षक हैं। प्रदीप पत्नी पूनम यादव और दो बेटियों संग सिविल लाइंस स्थित रेलवे कॉलोनी में रहता था। कुछ दिनों पहले उसकी पत्नी दोनों बेटियों को लेकर मायके चली गई थी।
सोमवार सुबह कई बार कॉल करने के बावजूद प्रदीप का फोन नहीं उठा। आशंका होने पर उसने पड़ोसियों को फोन कर घर भेजा तो कमरा भीतर से बंद मिला। बहुत आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद लोगों ने खिड़की से भीतर झांका तो प्रदीप फांसी के फंदे पर लटका मिला। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और उसके परिवारवालों को दी। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि आशंका है कि घरेलू कलह के चलते उसने यह कदम उठाया। जांच की जा रही है।