इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये घूस लेने के आरोपी एक दरोगा को अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा याची का अपराध धारा 438 के पैरामीटर में नहीं आता।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये घूस लेने के आरोपी एक दरोगा को अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा याची का अपराध धारा 438 के पैरामीटर में नहीं आता।
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यह आदेश न्यायमूर्ति डी के सिंह ने दरोगा अमित कुमार जवाला उर्फ अमित कुमार सिंह की अर्जी को खारिज करते हुए दिया है। नौ सितंबर 22 की रात के दौरान याची पर धमकाने और एक लाख रुपये जबरन लेने का आरोप है। घूस लेने की घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिस पर मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एजीए ने कहा सीसी कैमरा फुटेज याची के खिलाफ घूस लेने का पुख्ता सबूत है। कोर्ट ने अपराध को गंभीर माना और अर्जी खारिज कर दी।