इसी क्रम में प्रयागराज गोरखपुर मार्ग पर 40 किमी के बाद आगरापट्टी मुसहर बस्ती एवं ब्राह्मण बस्ती होते हुए चौहान बस्ती संपर्क मार्ग पर पेंटेड रोड 2680 मीटर आगणन में दर्ज है, लेकिन मौके पर लंबाई 1215 मीटर कम पाई गई। इसी पर 320 मीटर सड़क निर्माण आगणन में स्वीकृत है, लेकिन मौके पर काम नहीं कराया गया है। इस सड़क को बनाए बिना ही भुगतान करा लिया गया है।
इस पर सहायक अभियंता धनीराम और जेई श्रीराम सिंह रहे हैं। इसी तरह वरना लतीफपुर मार्ग के तीन किमी से आगे यादव बस्ती-मुस्लिम बस्ती संपर्क मार्ग पर पेंटेड रोड 1300 मीटर आगणन के सापेक्ष 50 मीटर कम मिला। जबकि सीसी रोड 1200 मीटर के सापेक्ष 291 मीटर कम है। इस मार्ग पर भी क्रस्ट में व्यापक अनियमितता पकड़ी गई है।
इसके अलावा मुबारकपुर कुसेहटा मार्ग के किमी एक से आगे बिंदा होते हुए पहसी सरोज बस्ती संपर्क मार्ग के 2200 मीटर स्वीकृत आगणन में सड़क की लंबाई 16 मीटर कम पाई गई। जबकि, सीसी रोड 800 मीटर के सापेक्ष 194 मीटर कम मिली है। इस सड़क पर सहायक अभियंता जेपी सोनकर रहे हैं। इन सड़कों का सत्यापन शासन स्तर पर की गई शिकायत के बाद कराया गया है। अब अफसर रिपोर्ट को दबाने और गड़बड़ी पर लीपापोती में जुटे हुए हैं।
इस तरह की जांच रिपोर्ट अभी मेरे सामने नहीं आई है। अगर आगणन के विपरीत मौके पर सड़कों की लंबाई कम पाई गई है और क्रस्ट भी मानक के विपरीत पड़ा है तो यह मामला गंभीर है। इसे देखा जाएगा। - विजय कन्नौजिया, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी