पति का आरोप-पत्नी मां संग करती है दुर्व्यवहार, कहती है मायके में रहो
याची ने आरोप लगाया कि पत्नी मां के साथ दुर्व्यवहार करती है। दबाव बनाती है कि याची मां को छोड़ कर उसके साथ इटावा स्थित मायके में रहे। ऐसा नहीं करने पर पुलिसकर्मी की बेटी होने का हवाला देते हुए दहेज के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देती है। पत्नी छह जुलाई 2012 को स्त्रीधन के साथ ही मां के गहने और 50,000 रुपये नकद लेकर मायके चली गई। लौटी नहीं तो पति ने परिवार न्यायालय में याचिका दाखिल की।
मुकदमे की जानकारी अखबार के जरिये देने के बावजूद पत्नी ने न तो लिखित जवाब दाखिल किया और न ही अदालत में पेश हुई। परिवार न्यायालय ने एकतरफा सुनवाई के बाद 2017 में पति की याचिका खारिज कर दी। साथ ही हर्जाना भी लगाया। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने माना कि पति-पत्नी के बीच चोरी जैसा आरोप लगाने से बचना चाहिए। इससे आपसी विश्वास को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में मानसिक क्रूरता का आधार केवल गहनों और नकदी से जुड़ा आरोप नहीं था। पति को अपनी बुजुर्ग मां को छोड़ने के लिए मजबूर करने का आरोप अलग से लगाया गया और वह साबित भी हुआ।
एक ही याचिका में मांगी जा सकती है तलाक और दांपत्य अधिकारों की बहाली
एक ही वैवाहिक याचिका में दांपत्य अधिकारों की बहाली और तलाक की वैकल्पिक मांग किए जाने के सवाल पर कोर्ट ने श्रीनिवास राम कुमार और श्रीमती कृष्णा देवी के मामलों का हवाला दिया। कहा कि दोनों राहतों की मांग एक ही वैवाहिक याचिका में की जा सकती है। हालांकि, इनमें से राहत केवल एक ही दी जाएगी।