समिति को निर्देश दिया गया है कि वे हादसे के सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें प्रशासन को प्रस्तुत करें। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार रेलवे प्रशासन इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ।
बता दें बुधवार शाम दिल्ली-हावड़ा रूट पर प्रयागराज के करछना के पास पचदेवरा इलाके में ट्रेन की चपेट में आने से पांच यात्रियों की मौत हो गई। नेता जी एक्सप्रेस के चालक ने रेलवे ट्रैक पर शव देखकर ट्रेन रोक दी। इस दौरान ट्रेन से नीचे उतरे कुछ यात्री दूसरी लाइन पर प्रयागराज जंक्शन की तरफ आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। सीपीआरओ के अनुसार यह घटना शाम 6:57 बजे हुई।
रेलवे में अप्रेंटिसशिप जॉइन करने के बाद घर लौट रहा था सुनील
रेलवे में अप्रेंटिसशिप जॉइन करने के बाद घर लौट रहे मिर्जापुर के बिसेंदरपुर निवासी सुनील कुमार की पचदेवरा ट्रेन हादसे में मौत की खबर परिवार तक पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। परिजन शव देखकर फफक पड़े और चीख-पुकार मच गई। सुनील कुमार छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था और परिवार की जिम्मेदारियों में हमेशा आगे रहता था। उसके पिता संतलाल मिर्जापुर में पीडब्ल्यूडी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं और परिवार पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में रहता है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। देर शाम परिवार शव लेकर अपने गांव चला गया।
मध्य प्रदेश से घर लौट रहे थे बलिराम
करछना के पचदेवरा ग्राम सभा स्थित ओवरब्रिज के नीचे ट्रेन हादसे में बलिराम भगत की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। मूलरूप से बिहार के सीवान निवासी बलिराम भगत मध्य प्रदेश स्थित एक कंपनी में नौकरी करते थे। मंगलवार को वह ट्रेन से घर लौट रहे थे। बलिराम के साले संजय कुमार ने बताया कि रेलवे की ओर से सूचना मिली कि बलिराम की ट्रेन हादसे में मौत हो गई है। उनका शव करछना के पचदेवरा रेलवे ट्रैक पर है। बलिराम भगत तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। वह पत्नी सुमन देवी और दो बच्चों के साथ रहते थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। जीआरपी घटना की जांच कर रही है।