फर्म का प्रोपराइटर बनकर सामूहिक विवाह योजना की धनराशि का बंदरबांट करने के मामले में उच्च अधिकारियों ने बुधवार को समाज कल्याण अधिकारी से पूछताछ शुरू कर दी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी पर शिकंजा कसता देख विभागीय कर्मचारी खुद को बचाने में जुट गए हैं। प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में इस मामले में कई लोगों पर गाज गिर सकती है।
कुछ दिनों पहले सरला कम्युनिकेशन की प्रोपराइटर सुमन शर्मा ने आरोप लगाया था कि राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय नरायनपुर, जेठवारा में साज-सज्जा, मरम्मत और आवास व्यवस्था को बेहतर करने के लिए शासन की ओर से धनराशि उपलब्ध कराई गई। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र मौर्य ने अपने ही ड्राइवर के नाम से फर्म बनाकर सामग्री की आपूर्ति करके लाखों रुपये का गोलमाल किया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी स्वयं एक फर्म के प्रोपराइटर बन बैठे और सामूहिक विवाह योजना में फर्म से सामग्री की आपूर्ति कराकर आवंटित बजट में हेराफेरी कर धनराशि का हजम कर लिया। मुख्यमंत्री से लेकर निदेशालय समाज कल्याण और डीएम से शिकायत के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी से पूछताछ शुरू की गई।
सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा के आदेश पर डीडीओ केएन पांडेय को मामले की जांच सौंपी गई है। डीएम शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। समाज कल्याण अधिकारी से पूछताछ शुरू कर दी गई है।