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मासूम की मौत का मामला : पुलिस ने शुरू की जांच, परिजनों संग शिक्षिकाओं के दर्ज किए बयान

Sat, 17 May 2025 02:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

स्कूल में मासूम की मौत के मामले की जांच नैनी पुलिस ने शुरू कर दी है। शुक्रवार को नैनी पुलिस ने परिजनों के साथ ही स्कूल पहुंचकर दोनों आरोपी शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए।
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मामले की जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्कूल में मासूम की मौत के मामले की जांच नैनी पुलिस ने शुरू कर दी है। शुक्रवार को नैनी पुलिस ने परिजनों के साथ ही स्कूल पहुंचकर दोनों आरोपी शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए। शिक्षिकाओं ने पिटाई के आरोप को गलत बताया तो परिजनों ने कहा कि उनका बड़ा बेटा घटना का चश्मदीद है।

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सूत्रों के मुताबिक, सुबह पहले नैनी थाने से एक दरोगा व एक सिपाही बच्चे के घर पर पहुंचे। यहां उसके माता-पिता से पूछताछ की। पिता ने बताया कि बच्चे की बीमारी की बात सुनकर स्कूल पहुंचे तो वह बेदम पड़ा था। इसके बाद वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी जान नहीं बची।

बताया कि इसी स्कूल में उनके दो और बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें एक बेटी व एक बेटा है। बेटा कक्षा दो में पढ़ता है और उसने बताया कि छोटे भाई को दो शिक्षिकाओं ने उसके सामने पीटा था। इसके बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ी और सांसें बहुत तेज हो गईं।
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उधर, नैनी थाना प्रभारी बृज किशोर गौतम दोपहर में स्कूल पहुंचे। एक दिन पहले ही यहां अवकाश हो गया था, लेकिन पुलिस के कहने पर प्रबंधन ने शिक्षिकाओं को बुलवाया। इसके बाद पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए। शिक्षिकाओं ने पिटाई के आरोप को गलत बताया।

उनका कहना था कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत प्रबंधन और फिर परिजनों को सूचना दी गई। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस वापस चली आई। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। सभी बिंदुओं पर पड़ताल कराई जा रही है।

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पिटाई के आरोप बेबुनियाद : प्रबंधक

इस घटना को लेकर शुक्रवार को स्कूल प्रबंधक कृष्ण मोहन गुप्ता ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पिटाई के आरोप बेबुनियाद हैं। बच्चा स्कूल आने पर बहुत रोता था और इस बारे में परिजनों को भी बताया गया था। उसके लगातार रोते रहने के कारण ही उसे कुछ दिनों से दूसरी कक्षा में उसके भाई के साथ बैठाया जा रहा था। बृहस्पतिवार को भाई के पास बैठने के दौरान वह उससे झगड़ रहा था, तभी शिक्षिका ने उसे डांटा और बेंच पर बैठा दिया। 

कुछ देर बाद वह नीचे गिर गया। यह देख शिक्षिका ने बगल की कक्षा में मौजूद साथी शिक्षिका को बुलाया। दोनों ने उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारे, लेकिन वह होश में नहीं आया। इसके बाद परिजनों को बुलाया गया और फिर उसे अस्पताल ले जाया गया। दुर्भाग्यवश उसका निधन हो गया। प्रबंधक ने बताया कि वह घटना के वक्त इलाज के लिए दिल्ली में थे। जानकारी पर लौटकर आए। बताया कि उनका स्कूल यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त है और 1994 से चल रहा है।
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