महंगाई की मार झेल रहे अभिभावकों को अप्रैल में बढ़ी महंगाई दर के साथ स्कूलों में बढ़ी फीस बड़ा झटका दे रही है। निजी कंपनियों में नौकरी करने वालों के वेतन में मात्र पांच से छह फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। महंगाई दर में 10 से 12 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि शहर के पब्लिक एवं कान्वेंट स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र से फीस में 10 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है।
शहर के पब्लिक स्कूलों ने हर वर्ष फीस में बढ़ोतरी करके दो वर्ष में एक महीने की फीस में लगभग 500 रुपये की वृद्धि कर दी है। स्कूलों की मनमानी वसूली से दो बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाने वाले माता-पिता पर बड़ी मार पड़ी है। नौकरी पेशा अभिभावको का अप्रैल माह का पूरा वेतन बच्चों की फीस एवं किताबों की भेंट चढ़ रहा है।
शहर के पब्लिक एवं कान्वेंट स्कूलों में नए सत्र में फीस में 10 से 20 फीसदी फीस बढ़ा दी गई है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों से फीस के नाम अनेक मदों में वसूली तो करता है, परंतु यह सुविधा बच्चों को नहीं दी जाती हैं। शहर के कुछ स्कूल तो फीस में 20 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी कर रहे हैं, वहीं इसी शहर में दूसरे कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
- हाल के वर्षों में महंगाई बड़ी तेजी से बढ़ी है। इस अनुपात में निजी कंपनियों ने वेतन नहीं बढ़ाया है। इस कारण से स्कूलों की ओर से बढ़ाई जाने वाली फीस अभिभावकों पर बोझ बन गई है। विद्यालयों ने मनमाने तरीके से लाभ कमाने के लिए अभिभावकों पर बढ़ी फीस थोप दी है।
- कुलदीप मिश्र, अभिभावक (निजी क्षेत्र में काम करने वाले)
- विद्यालयों में बच्चों को सुविधा के नाम पर कोई भी सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती बल्कि, इसके विपरीत फीस में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी हो गई। स्कूलों में शिक्षकों के वेतन में नाममात्र की वृद्धि करके बच्चों से हर महीने पांच सौ रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि निजी स्कूल फीस में जितनी वृद्धि कर रहे हैं, उतनी बढ़ोतरी तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन में भी नहीं हुई है।
अमित मालवीय, सामाजिक कार्यकर्ता
- सरकारी एवं निजी कंपनियों में होने वाली वेतन वृद्धि के विपरीत स्कूल वाले फीस में 20 फीसदी की वृद्धि कर रहे हैं। सरकार ने महंगाई दर में मात्र 10 से 12 फीसदी की बढ़ोतरी की है। सरकार का निर्देश है कि स्कूल की कास्टिंग करके सूचकांक तय किया जाए और वसूली गई फीस के हिसाब से शिक्षकों को वेतन एवं बच्चों को सुविधा प्रदान करें।
- आरपी शुक्ला, सीए