काजल ने छोटे भाई बादल एवं कामिनिया गांव के कार्तिक के साथ इस बार भी दौड़ में हिस्सा लेने की कोशिश की लेकिन तीनों को मंडलायुक्त कार्यालय के पास रोक लिया गया।
काजल का कहना था कि मुख्यमंत्री ने मेहनत करने एवं आगे दौड़ में शामिल होने की बात कही थी। इसलिए फिर से दौड़ में शामिल होने के लिए आई थी। बादल का कहना था कि वह भी विंध्याचल से लखनऊ तक दौड़ लगा चुका है।वहीं कार्तिक का कहना था कि वह ललितपुर तक की दौड़ लगा चुका है। इसलिए मैराथन में शामिल होना चाहता है।
हालांकि, कम उम्र की वजह से इन्हें बीच में ही रोककर मदन मोहन मालवीय स्टेडियम लाया गया। स्टेडियम के कोच संदीप का कहना था कि इतनी कम उम्र के बच्चों को मैराथन में दौड़ाना अपराध है।इस बाबत पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस बच्चाें के कोच तथा परिवार वालों की तलाश करती रही लेकिन दौड़ पूरी होने तक वे नहीं मिले।