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इंदिरा मैराथन : नन्हीं धाविका काजल निषाद को दौड़ने से रोका, बीच रास्ते से प्रशासन ने वाहन में बैठाया

Sat, 19 Nov 2022 09:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सुभाष चौराहे से दिल्ली तक दौड़ लगाने वाली मांडा के ललितपुर गांव की काजल ने पिछले वर्ष इंदिरा मैराथन में हिस्सा लिया था। हालांकि, कम उम्र की वजह से उसे सर्टिफिकेट नहीं मिला था। इससे निराश काजल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में हिस्सा लेती नन्हीं धाविका काजल निषाद। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पिछले वर्ष इंदिरा मैराथन में 42.195 किमी की दौड़ पूरी करने वाली नौ वर्षीय काजल इस वर्ष फिर पहुंची थीं। साथ में छोटा भाई बादल तथा एक अन्य बच्चा कार्तिक भी पहुंचा था लेकिन उन्हें बीच में रोक दिया गया। कम उम्र होने की वजह से उन्हें मैराथन में हिस्सा नहीं लेने दिया गया। पुलिस कोच तथा परिवार के सदस्यों की भी तलाश करती रही लेकिन वे नहीं मिले। उनके मोबाइल भी ऑफ थे।

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सुभाष चौराहे से दिल्ली तक दौड़ लगाने वाली मांडा के ललितपुर गांव की काजल ने पिछले वर्ष इंदिरा मैराथन में हिस्सा लिया था। हालांकि, कम उम्र की वजह से उसे सर्टिफिकेट नहीं मिला था। इससे निराश काजल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उसे प्रशिक्षण के लिए किट एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गईं।





काजल ने छोटे भाई बादल एवं कामिनिया गांव के कार्तिक के साथ इस बार भी दौड़ में हिस्सा लेने की कोशिश की लेकिन तीनों को मंडलायुक्त कार्यालय के पास रोक लिया गया।


काजल का कहना था कि  मुख्यमंत्री ने मेहनत करने एवं आगे दौड़ में शामिल होने की बात कही थी। इसलिए फिर से दौड़ में शामिल होने के लिए आई थी। बादल का कहना था कि वह भी विंध्याचल से लखनऊ तक दौड़ लगा चुका है।वहीं कार्तिक का कहना था कि वह ललितपुर तक की दौड़ लगा चुका है। इसलिए मैराथन में शामिल होना चाहता है।
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हालांकि, कम उम्र की वजह से इन्हें बीच में ही रोककर मदन मोहन मालवीय स्टेडियम लाया गया। स्टेडियम के कोच संदीप का कहना था कि इतनी कम उम्र के बच्चों को मैराथन में दौड़ाना अपराध है।इस बाबत पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस बच्चाें के कोच तथा परिवार वालों की तलाश करती रही लेकिन दौड़ पूरी होने तक वे नहीं मिले।
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