Indian melody came out of American saxophone
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अमेरिकी सैक्सोफोन से जब भारतीय शास्त्रीय संगीत का राग निकला तो सभी अचंभित रह गए। अमेरिका से आए सैक्सोफोन वादक फिल स्कार्फ के इस अद्भुत प्रदर्शन ने इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में शनिवार को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सैक्सोफोन संगीत जुगलबंदी कार्यक्रम में समा बांध दिया।
इस दौरान सैक्सोफोन वादक फिल स्कार्फ और प्रयागराज से प्रियंक कृष्ण की जुगलबंदी का अनूठा प्रदर्शन हुआ। तबले पर अनूप बनर्जी ने विविध ताल प्रकारों, टुकड़े, गतों, सुंदर तिताइयों, बोलों के साथ बहुत ही सुंदर संगत से जुगलबंदी को जीवंतता प्रदान की। एडीसी में संगीत की विभागाध्यक्ष डॉ. इंदु शर्मा ने अतिथियों का अभिनंदन किया और कालाकारों परिचय देते हुए उनकी उपलब्धियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में विश्व विख्यात क्लेरिनेट व बांसुरी वादक राम कृष्ण विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इससे पूर्व राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. स्वतंत्रद्घ शर्मा ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
प्राचार्य डॉ. अतुल सिंह ने सभी कलाकारों को अभिनंदन पत्र एवं अंवस्त्रम से सम्मानित किया। मुख्य अतिथि प्रो. स्वतंत्र शर्मा ने कहा कि हम पश्चिमी देशों के सगीत को हिंदुस्तानी रागों में नहीं बांध सकते लेकिन पाश्चात्य संगीत नोटेशन के माध्यम से हिंदुस्तानी रोगों को विदेशी कलाकारों द्वारा सीखकर विविध वाद्यों पर प्रस्तुति देना गौरव की बात है। संचालन डॉ. श्रेया श्रीवास्तव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तनूजा तिवारी ने किया। इस दौरान डॉ. नम्रता देब, डॉ. नमिता यादव, सभापति तिवारी, डॉ. नंदिता, डॉ. मीरा सिंह, डॉ. अंजली, डॉ. शहनाज आदि मौजूद रहे।