Indian and Allahabad Bank officials sit side by side
प्रयागराज। इलाहाबाद बैंक के इंडियन बैंक में मर्जर की औपचारिकता अभी पूरी नहीं हुई है लेकिन संयुक्त बैठकें शुरू हो गई हैं। इस तरह का पहला आयोजन शुक्रवार को हुआ जिसे इंडियन बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी पद्मजा चुंडूरू ने संबोधित किया। पूरे संबोधन के दौरान पद्मजा का संयुक्त प्रयास पर जोर रहा।
बैंकों के विलय का राष्ट्रीय स्तर पर विरोध शुरू है। इसके अलावा इलाहाबाद बैंक को लेकर स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों का भावनात्मक लगाव भी है। इसका भान अफसरों को भी रहा। इसलिए सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित संयुक्त टाउनहाल मीटिंग में संबोधन के दौरान इसका पूरा ध्यार रखा गया। प्रबंध निदेशक पद्मजा ने कहा कि अफसरों और कर्मचारियों की सकारात्मक सोच एवं संयुक्त प्रयास ही बैंक के विकास का मूल मंत्र होगा तथा इससे ही बड़े बैंकों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकों के एक होने से प्रतिभावान कर्मचारियों के लिए बेहतर कॅरियर के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने ग्राहकों को बेहतर सेवा का भी भरोसा दिलाया। इलाहाबाद बैंक के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर के.रामचंद्रन ने कहा कि यह सम्मेलन दोनों बैंकों के लिए ऐतिहासिक घटना है। बैंक कर्मचारी इसे सकारात्मक रूप में लें। उन्होंने कहा कि दोनों बैंक के शेयरधारकों तथा कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जाएंगी। इंडियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक कार्तिकेयन एम. ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इससे पहले इलाहाबाद बैंक के सर्कल महाप्रबंधक डॉ.राहुल श्रीवास्तव ने स्वागत किया। इंडियन बैंक के महाप्रबंधक पीसी दास ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इलाहाबाद बैंक पहुंचीं एमडी
प्रयागराज के दौरे पर आईं इंडियन बैंक की प्रबंध निदेशक पद्मा चुंडूरू शाम को यहां पहुंची। इसके तत्काल बाद वह इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा पहुंची। अधिकृत तौर पर इलाहाबाद बैंक की शुरुआत इसी शाखा से हुई है। प्रबंध निदेशक ने शाखा में कर्मचारियों से मुलाकात की और बैंक के विलय तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। वह परिसर स्थित महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक आदि अफसरों के कार्यालयों में भी गईं और बैंक के विकास के लिए संयुक्त प्रयास की अपील की।