इसलिए लिया गया निर्णय
- ड्रोन कैमरे दुश्मन की लोकेशन, रणनीति, हथियारों की स्थिति और सैनिकों की गतिविधियों का खुलासा कर सकते हैं। यदि यह जानकारी लीक हो जाए या दुश्मन के हाथ लग जाए तो यह सैन्य अभियान को खतरे में डाल सकती है।
- ड्रोन का उपयोग जासूसी के लिए भी किया जा सकता है। ऐसे में किसी भी अनधिकृत ड्रोन की उपस्थिति पर संदेह होता है कि वह शत्रु का हो सकता है।
- ड्रोन के सिग्नल अन्य संचार प्रणालियों में हस्तक्षेप कर सकते हैं, जिससे सैन्य संचार बाधित हो सकता है।
- युद्ध जैसी स्थितियों में सैन्य बल अनधिकृत ड्रोन को दुश्मन का मानकर मार गिरा सकते हैं, जिससे दुर्घटनाएं या अपने ही पक्ष के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।
पटाखों पर भी लग सकती है पाबंदी
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए जल्द ही पटाखों पर भी प्रतिबंध लग सकता है। दरअसल, शादियों में बड़े पैमाने पर आतिशबाजी होती है। फिलहाल, हवाई हमलों के खतरों के बीच आतिशबाजी से नुकसान हो सकता है। जानकारों का कहना है कि आपात स्थिति में इससे सायरन की आवाज दूर तक सुनाई देने में दिक्कत हो सकती है। पटाखों की आवाज से विस्फोट या गोलीबारी का भ्रम हो सकता है, जिससे घबराहट होने के साथ अफवाहें भी फैल सकती हैं। युद्ध जैसी स्थितियों में बहुत से लोग पहले से ही तनाव या आघात का सामना कर रहे होते हैं। ऐसे में पटाखों की आवाज से तनाव विकार और बढ़ सकता है। इसके अलावा पटाखों की आवाज और चमक को हमले के रूप में समझा जा सकता है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बाधित हो सकती है।