Prayagraj News : नगर निगम की बैठक में बोलते पार्षद।
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उसी समय से बढ़े कर की वसूली हो सकती है। कहा कि फिलहाल अभी आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका है। इसलिए कर की वसूली अभी नहीं होगी। इसके साथ ही इस पर कोई एरियर या बकाया नहीं जोड़ा जाएगा। इससे करीब 82 हजार भवन स्वामियों को लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही नगर निकाय चुनाव के बाद शहरियों को गृहकर में छूट देने के लिए ओटीएस यानी एक मुश्त समाधान योजना भी लागू करने की तैयारी में नगर निगम है। महापौर ने सदन में बताया कि इसकी फाइल शासन को भेज दी गई है। चुनाव के बाद शहरियों को गृहकर में ओटीएस स्कीम की सुविधा दी जाएगी। सदन की बैठक में नियमित कर्मचारियों को मम्फोर्डगंज, खुल्दाबाद, तुलारामबाग, रामबाग, करैलाबाग, हैजा अस्पताल के पास स्थित नगर निगम की कालोनियों का आवंटन मौजूद समय के सर्किल रेट के हिसाब से किया जाएगा।
इसके अलावा 213 अधिनियम के तहत सम्मतियों के मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर उसमें संशोधन करने का प्रस्ताव भी सदन की बैठक में पास हो गया। साथ ही निगम के नियमित कर्मचारियों के लिए सदन में नगर निगम कर्मचारी कल्याण बोर्ड को भी मंजूरी मिल गई है। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। इसके अन्तर्गत नियमित कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना में पांच हजार का सहयोग किया जाएगा। इसकी रिकवरी नहीं होगी। इसके अलावा नियमित कर्मचारियों से प्रतिमाह 40 रुपये काटे जाएंगे। जो बोर्ड के खाते में जमा होगा। जरूरत पर 15 रुपये की सहायता राशि कर्मचारी को दी जाएगी।
8 दिसंबर को अन्नपूर्णा कैंटीन का होगा उद्घाटन, मिलेगा सस्ता खाना
प्रयागराज। प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी योजना अन्नपूर्णा कैंटीन का रास्ता साफ हो गया। कैंटीन बनकर तैयार हो गई है। अब गरीबों को 10 रुपये प्रति प्लेट भोजन और पांच रुपये में नास्ता मिलेेगा। सदन की बैठक में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि 8 दिसंबर को कैंटीन का उद्घाटन होगा। इसके बाद से यह शुरू हो जाएगी। हालांकि 2017 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की थी। उसके बाद से अभी तक कैंटीन शुरू होने का इंतजार चल रहा था, जो अब जाकर पूरा हुआ है।
एक लाख तक का काम जोनल अधिकारी कर सकेंगे स्विकृत
नगर निगम के कार्यो में देरी को रोकने के लिए सदन की बैठक में प्रस्ताव पास करके जोनल अधिकारियों को एक लाख रुपये तक का कार्य कराने की स्विकृति दी गई। इस प्रस्ताव पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई। कहा कि इससे वार्डों में होने वाले छोटे कार्यों को समय से पूरा कराने में मदद होगी। यह व्यवस्था हमेशा के लिए लागू कर दी गई।